Delhi: राजधानी के पालम विलेज इलाके में घर से पानी की मोटर चोरी करने वाले दो आरोपियों को अदालत ने बहुत कम समय में सजा सुना दी है। चोरी की घटना से लेकर कोर्ट के फैसले तक में सिर्फ 29 दिन लगे। पुलिस की तेज जांच और पुख्ता सब
Delhi: राजधानी के पालम विलेज इलाके में घर से पानी की मोटर चोरी करने वाले दो आरोपियों को अदालत ने बहुत कम समय में सजा सुना दी है। चोरी की घटना से लेकर कोर्ट के फैसले तक में सिर्फ 29 दिन लगे। पुलिस की तेज जांच और पुख्ता सबूतों की वजह से आरोपियों को जल्द सजा मिल गई।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी
यह मामला राज नगर-2, पालम विलेज का है, जहां एक घर से पानी की दो मोटर चोरी हो गई थीं। 12 मई 2026 को केस दर्ज होने के बाद पालम विलेज पुलिस ने जांच शुरू की। ASI नित्यानंद और उनकी टीम ने तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय पूछताछ की मदद से 30 मई 2026 को प्रिंस और गौतम उर्फ शंकर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की एक मोटर, वारदात में इस्तेमाल किया गया स्कूटर और चोरी के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए। केस को मजबूत बनाने के लिए CCTV फुटेज और वैज्ञानिक सबूत भी जुटाए गए। SHO इंस्पेक्टर सुधीर कुमार गुलिया और ACP दिल्ली कैंट अनिल कुमार की निगरानी में 4 जून 2026 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
कोर्ट ने कितनी जल्दी सुनाया फैसला
Dwarka Court के JMFC सौरभ गोयल ने मामले की सुनवाई की। गिरफ्तारी के महज 11 दिन बाद और ट्रायल शुरू होने के 6 दिन बाद यानी 9 जून 2026 को अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाई। सरकारी पक्ष की ओर से APP विकास खरब और सुधांशु सैनी ने दलीलें पेश की थीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पालम विलेज चोरी मामले में दोषियों को कितनी जल्दी सजा मिली
इस मामले में घटना के 29वें दिन ही कोर्ट ने फैसला सुना दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी 30 मई को हुई थी और 9 जून को उन्हें सजा मिल गई।
इस केस में कौन-कौन से सबूत पुलिस ने पेश किए
पुलिस ने कोर्ट में CCTV फुटेज, बरामद की गई पानी की मोटर, वारदात में इस्तेमाल स्कूटर और चोरी के औजारों को सबूत के तौर पर पेश किया।