Delhi: पूर्वी दिल्ली की पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में सिटी यूनियन बैंक का एक रिलेशनशिप मैनेजर भी शामिल था, जिसने महज ढाई महीने में करीब 50 लोगों के बैंक खातों से 1 करोड़ रुपये उड़ा ल
Delhi: पूर्वी दिल्ली की पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में सिटी यूनियन बैंक का एक रिलेशनशिप मैनेजर भी शामिल था, जिसने महज ढाई महीने में करीब 50 लोगों के बैंक खातों से 1 करोड़ रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने इस मामले में बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जो चीन में बैठे मास्टरमाइंड के साथ मिलकर यह खेल खेल रहे थे।
कैसे की जाती थी ठगी और कौन हुए गिरफ्तार?
गिरोह के सदस्य फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए लोगों को APK फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई इस फाइल को इंस्टॉल करता था, ठगों को यूजर के मोबाइल का ओटीपी (OTP) मिलने लगता था। इसके बाद वे बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी नीचे दी गई है:
| नाम |
पता |
भूमिका |
| फ्रांशु कुमार (23) |
गया, Bihar |
रिलेशनशिप मैनेजर, सिटी यूनियन बैंक |
| शौकीन |
सरधना, UP |
म्यूल खाता धारक |
| शाहरुख उर्फ जोजो |
सरधना, UP |
सहयोगी (शौकीन का भतीजा) |
पुलिस को कैसे मिला सुराग और क्या है मोडस ऑपरेंडी?
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 22 फरवरी 2026 को बरेली के अमन बाबू मौर्य ने NCRP पोर्टल पर 10,000 रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच में पता चला कि बैंक मैनेजर फर्जी कागजात पर ‘म्यूल खाते’ खुलवाता था, ताकि ठगी का पैसा वहां जमा किया जा सके। एक खाता ‘कंस्ट्रक्शन रॉयल एंटरप्राइजेज’ के नाम पर खोला गया था। ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीन भेजा जाता था। पुलिस को आरोपियों के फोन से एक चीनी व्यक्ति के साथ वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग भी मिली है।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह
पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस ‘ऑपरेशन साइबर हॉक’ चला रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक न करें। अगर आप किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस अब इस सिंडिकेट के विदेशी मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।