दिल्ली: राजधानी में पुरानी गाड़ियों को लेकर सरकार का रुख बेहद कड़ा हो गया है. अब 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए सीधी कार्रवाई की जाएगी. म्युनिसिपल कॉरपोरेशन यानी एमसीडी इन गा
दिल्ली: राजधानी में पुरानी गाड़ियों को लेकर सरकार का रुख बेहद कड़ा हो गया है. अब 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए सीधी कार्रवाई की जाएगी. म्युनिसिपल कॉरपोरेशन यानी एमसीडी इन गाड़ियों को सड़क किनारे या सार्वजनिक जगहों से टो करके सीधे स्क्रैपिंग सेंटर ले जाएगा, जहां उन्हें कबाड़ के भाव बेच दिया जाएगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि तय उम्र सीमा पार कर चुके वाहनों के खिलाफ अब बिना किसी पूर्व सूचना के कार्रवाई होगी.
किसे माना जाएगा बेकार वाहन और क्या है नो-फ्यूल पॉलिसी?
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण नीति के तहत वाहनों की उम्र तय की गई है. 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को अब एंड ऑफ लाइफ व्हीकल यानी अनुपयोगी माना जाएगा. 1 नवंबर 2025 से इन वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन भी नहीं मिलेगा, जिसके लिए कई जगह ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान वाले कैमरे लगाए गए हैं. फरवरी 2026 से नियम और भी सख्त हो जाएंगे और पुरानी गाड़ियों को देखते ही ज़ब्त कर लिया जाएगा.
| प्रमुख नियम और नीति |
प्रभावी तारीख / विवरण |
| 10 साल डीजल और 15 साल पेट्रोल वाहन |
उम्र सीमा खत्म (ELV) |
| बिना नोटिस सीधे ज़ब्ती और स्क्रैप |
फरवरी 2026 से लागू |
| पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा |
1 नवंबर 2025 से |
| भारी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश बंद |
1 नवंबर 2026 से (केवल BS-VI मान्य) |
| BS3 और पुराने वाहनों पर सख्त बैन |
दिसंबर 2025 से |
| NOC के लिए समय सीमा खत्म |
कभी भी ले सकते हैं प्रमाण पत्र |
गाड़ी स्क्रैप होने पर कितना मिलेगा पैसा और कैसे ले सकते हैं NOC?
अगर आपकी गाड़ी सरकारी नियम के दायरे में आ गई है, तो आप उसे अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर जमा कर सकते हैं. यहां गाड़ी के वजन और धातु की मौजूदा कीमत के हिसाब से आपको पैसा मिलेगा. साथ ही आपको एक स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसका फायदा नई गाड़ी खरीदने पर मिलेगा. नई गाड़ी लेने पर रोड टैक्स में 25 प्रतिशत तक की छूट और रजिस्ट्रेशन फीस में राहत मिल सकती है. अगर आप अपनी गाड़ी को दिल्ली से बाहर ले जाना चाहते हैं, तो परिवहन विभाग से एनओसी लेकर दूसरे राज्य में दोबारा रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. अब एनओसी के लिए एक साल की समय सीमा की पाबंदी को भी हटा दिया गया है.