Delhi: यमुना फ्लडप्लेन के O-Zone इलाके में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि इस क्षेत्र में पहले से बने मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। गढ़ी मांडू, ओल्ड उस्मानप
Delhi: यमुना फ्लडप्लेन के O-Zone इलाके में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि इस क्षेत्र में पहले से बने मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। गढ़ी मांडू, ओल्ड उस्मानपुर और सोनिया विहार जैसी करीब 94 कॉलोनियों में बुलडोजर चलने का डर था, जिससे करीब 15 लाख परिवार परेशान थे।
O-Zone में मकानों पर क्या होगा असर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 10 जून 2026 को एक मीटिंग में स्पष्ट किया कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश सिर्फ नए निर्माण को रोकने के लिए हैं। जो घर पहले से बने हुए हैं, उनके खिलाफ कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने DDA अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इलाकों में लगे साइनबोर्ड की भाषा बदलें ताकि आम जनता में डर और घबराहट खत्म हो सके।
हाई कोर्ट का आदेश और सुरक्षा की अवधि
दिल्ली हाई कोर्ट ने 26 मई 2026 को कहा था कि O-Zone में रिहायशी कॉलोनियां नहीं होनी चाहिए। हालांकि, 91 अनधिकृत कॉलोनियों को एक विशेष कानून के तहत 31 दिसंबर 2026 तक किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अस्थायी सुरक्षा मिली हुई है। इस पूरे मामले पर कोर्ट जुलाई में दोबारा सुनवाई करेगा। O-Zone का यह इलाका वजीराबाद से ओखला तक लगभग 20-22 किलोमीटर में फैला है।
नेताओं और अधिकारियों की बैठक में क्या तय हुआ
हाल ही में हुई हाई-लेवल मीटिंग में सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी और विधायक अरविंदर सिंह लवली शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि पुराने गांवों और नियमित कॉलोनियों को नहीं छुआ जाएगा। साथ ही, जिन इलाकों को गलती से O-Zone में डाल दिया गया था, उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नेताओं ने यह भी कहा कि नए निर्माण पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी ताकि यमुना नदी को बचाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या O-Zone में पुराने घर तोड़े जाएंगे?
नहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा निर्माणों के खिलाफ कोई विध्वंस कार्रवाई नहीं होगी। हाई कोर्ट के निर्देश केवल नए निर्माणों को रोकने के लिए हैं।
O-Zone क्षेत्र कितने बड़े इलाके में फैला है?
यह पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र वजीराबाद से ओखला तक लगभग 20-22 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है, जिसमें यमुना नदी का किनारा शामिल है।