Delhi: राजधानी दिल्ली की 94 कॉलोनियों में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के ऊपर इस वक्त अपने घर खोने का डर मंडरा रहा है. यमुना नदी के फ्लड जोन यानी ‘O Zone’ में बने इन घरों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) अवैध ब
Delhi: राजधानी दिल्ली की 94 कॉलोनियों में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के ऊपर इस वक्त अपने घर खोने का डर मंडरा रहा है. यमुना नदी के फ्लड जोन यानी ‘O Zone’ में बने इन घरों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) अवैध बताकर हटाने की तैयारी कर रहा है. इस वजह से हजारों परिवार मानसिक तनाव और डर के माहौल में जी रहे हैं.
क्या है ‘O Zone’ और क्यों हो रहा है विवाद
Delhi Master Plan 2021 के मुताबिक यमुना के फ्लड प्लेन को ‘O-Zone’ घोषित किया गया है. यहां किसी भी तरह का निर्माण या रिहायशी कॉलोनी बनाना पूरी तरह गैरकानूनी है. दिल्ली हाई कोर्ट ने 27 मई 2026 को सख्त आदेश देते हुए यहां नए निर्माण और मरम्मत कार्य पर रोक लगा दी थी. कोर्ट का कहना है कि ये इलाका पर्यावरण के लिए संवेदनशील है और यहां बस्तियां बसाना नदी और प्रकृति के लिए खतरा है. कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अन्य अनधिकृत कॉलोनियों की तरह इन ‘O Zone’ कॉलोनियों को मालिकाना हक नहीं मिलेगा.
किसे मिलेगी राहत और कौन होगा बेघर
केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि 91 अनधिकृत कॉलोनियों को 31 दिसंबर 2026 तक दंडात्मक कार्रवाई से अस्थायी राहत दी गई है. हालांकि, इसका मतलब मालिकाना हक मिलना नहीं है. सरकार और अन्य एजेंसियां इन कॉलोनियों में रहने वाले करीब 5 से 6 लाख लोगों के पुनर्वास (Rehabilitation) की योजना बना रही हैं. दूसरी तरफ, यमुना बाजार कॉलोनी के 310 परिवारों को DDMA ने 15 दिन के भीतर घर खाली करने का नोटिस दिया है क्योंकि यह इलाका बाढ़ के लिहाज से बहुत खतरनाक है.
गलत मैपिंग और लोगों का विरोध
इस विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब बदरपुर विधानसभा की 50 कॉलोनियों के लोग सड़कों पर उतर आए. उनका कहना है कि वे यमुना नदी से काफी दूर रहते हैं, फिर भी उन्हें गलती से ‘O-Zone’ में डाल दिया गया है. दिल्ली देहात ग्रामीण विकास मंच के चेयरमैन भूपेंद्र का दावा है कि कई जगह बोर्ड गलत लगे हैं और कुछ इलाके असल में ‘P2 zone’ में आते हैं. उन्होंने सरकार से पूरी मैपिंग दोबारा करने की मांग की है ताकि निर्दोष लोगों के घर न टूटें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
O-Zone में रहने वालों को मालिकाना हक क्यों नहीं मिलेगा?
दिल्ली हाई कोर्ट के अनुसार, O-Zone यमुना नदी का संवेदनशील फ्लड प्लेन है. पर्यावरण संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण के नियमों के कारण यहां किसी भी निर्माण को कानूनी मान्यता या मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता.
क्या सभी O-Zone कॉलोनियों में तुरंत बुलडोजर चलेगा?
केंद्र सरकार के मुताबिक 91 कॉलोनियों को 31 दिसंबर 2026 तक अस्थायी राहत मिली हुई है. सरकार इन इलाकों के करीब 5 से 6 लाख लोगों के पुनर्वास की योजना पर विचार कर रही है.