Delhi के O-Zone में घर टूटने का डर, 24 गांवों की महापंचायत ने दी संसद घेरने की चेतावनी
Delhi: पूर्वी दिल्ली के 24 गांवों के लोगों ने ओ-जोन (O-Zone) इलाके में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार, 21 जून 2026 को बाबा श्यामगिरि मंदिर में एक महापंचायत बुलाई गई, जिसमें ग्रामीणों ने सरका
Delhi: पूर्वी दिल्ली के 24 गांवों के लोगों ने ओ-जोन (O-Zone) इलाके में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार, 21 जून 2026 को बाबा श्यामगिरि मंदिर में एक महापंचायत बुलाई गई, जिसमें ग्रामीणों ने सरकार से इस कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की। लोगों का कहना है कि अगर उनके घरों को बचाने का स्थायी समाधान नहीं निकला, तो वे दिल्ली विधानसभा और संसद का घेराव करेंगे।
इस महापंचायत में ग्रामीणों ने पांच मुख्य प्रस्ताव पास किए। उन्होंने मांग की कि संसद में एक ऐसा कानून लाया जाए जिससे ओ-जोन के गांवों और कॉलोनियों को राहत मिल सके। साथ ही, जब तक ऐसा कानून नहीं बनता, तब तक उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार को तोड़फोड़ रोकने का निर्देश दिया जाए। इस लड़ाई को आगे ले जाने के लिए ‘ओ-जोन संघर्ष सेवा समिति’ का गठन भी किया गया है। दावा किया गया है कि इस विरोध प्रदर्शन में करीब 360 गांवों का समर्थन मिला है।
नियमों की बात करें तो यमुना खादर के किनारे वजीराबाद से ओखला तक करीब 22 किलोमीटर का इलाका ओ-जोन है, जिसे इकोलॉजिकली सेंसिटिव एरिया माना जाता है। दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत यहां किसी भी नए निर्माण की अनुमति नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी 23 मई 2026 को साफ किया था कि इस इलाके में आवासीय कॉलोनियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। हालांकि, दिल्ली स्पेशल प्रोविजन्स एक्ट के तहत 91 अनधिकृत कॉलोनियों को 31 दिसंबर 2026 तक तोड़फोड़ से सुरक्षा मिली हुई है।
इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले भरोसा दिलाया था कि पुराने निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी और कोर्ट के आदेश केवल नए निर्माणों के लिए हैं। वहीं, MCD के अधिकारियों का कहना है कि केवल नए और निर्माणाधीन ढांचों को हटाया जा रहा है। दूसरी तरफ, AAP विधायक संजीव झा ने सरकार के आश्वासनों के बावजूद जारी तोड़फोड़ पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने भी लोगों को भरोसा दिया है कि पुराने गांवों और नियमित कॉलोनियों के घर नहीं गिराए जाएंगे।