Delhi: दिल्ली की ओ-जोन (O-Zone) कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि पुराने बने हुए मकानों पर कोई बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी. 9 जून 2026 को सचिवालय
Delhi: दिल्ली की ओ-जोन (O-Zone) कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि पुराने बने हुए मकानों पर कोई बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी. 9 जून 2026 को सचिवालय में हुई एक हाई लेवल मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया है, जिससे लोगों के बीच फैली डर और घबराहट अब खत्म होगी.
किन मकानों पर होगी कार्रवाई और कौन सुरक्षित है?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली हाई कोर्ट के 26 मई 2026 के आदेश के मुताबिक केवल नए निर्माणों या अभी चल रहे काम पर ही एक्शन लिया जाएगा. जो घर पहले से बनकर तैयार हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. हाई कोर्ट ने पुराने ढाँचों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है, इसलिए उन्हें तोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता. DDA को आदेश दिए गए हैं कि वे नोटिस बोर्ड की भाषा बदलें ताकि आम जनता भ्रमित न हो.
O-Zone क्षेत्र और सरकार का अगला कदम क्या है?
ओ-जोन क्षेत्र यमुना के फ्लडप्लेन और पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील इलाका है, जहाँ मास्टर प्लान 2021 के तहत पक्का निर्माण मना है. यहाँ करीब 91 अनधिकृत कॉलोनियाँ और कई पुराने गाँव हैं, जिनमें लगभग 15 लाख लोग रहते हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जल्द ही केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेंगी. वहीं सांसद मनोज तिवारी ने बताया कि कुछ इलाकों को गलती से ओ-जोन में डाल दिया गया था, जिसे ठीक करने का काम शुरू हो गया है.
सांसदों और अधिकारियों की क्या राय है?
सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने लोगों से अपील की है कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक कोई नया निर्माण न करें. मुख्य सचिव राजीव वर्मा और MCD आयुक्त संजीव खैरवार भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं. जनप्रतिनिधियों ने सरकारी कागजों की जांच के बाद पुष्टि की है कि मौजूदा घरों को कोई खतरा नहीं है, बस नए निर्माण पर पूरी तरह रोक रहेगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ओ-जोन कॉलोनी के पुराने मकान तोड़े जाएंगे?
नहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि पुराने और पहले से बने निर्माण पूरी तरह सुरक्षित हैं, उन पर कोई बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी.
हाई कोर्ट का आदेश क्या कहता है?
26 मई 2026 के हाई कोर्ट आदेश के अनुसार केवल नए या चल रहे निर्माणों पर कार्रवाई की बात कही गई है, पुराने निर्माणों पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.