Delhi: यमुना के बाढ़ क्षेत्र यानी O जोन की करीब 94 कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि मौजूदा मकानों और निर्माणों को तोड़ा नहीं जाएगा। इस फैसले से
Delhi: यमुना के बाढ़ क्षेत्र यानी O जोन की करीब 94 कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि मौजूदा मकानों और निर्माणों को तोड़ा नहीं जाएगा। इस फैसले से लगभग 15 लाख लोगों की चिंता दूर हुई है जो पिछले कुछ दिनों से बुलडोजर की कार्रवाई के डर में थे।
क्या है पूरा मामला और मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 9 जून 2026 को एक बड़ी बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि O जोन में जो घर पहले से बने हुए हैं, उन्हें नहीं गिराया जाएगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने केवल नए या अभी चल रहे निर्माणों को रोकने और तोड़ने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने DDA को यह भी कहा है कि कॉलोनियों में लगे साइनबोर्ड की भाषा बदली जाए ताकि लोग डरे नहीं। वह इस मामले को लेकर जल्द ही केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से बात करेंगी।
हाई कोर्ट का आदेश और सुरक्षा की समयसीमा
दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 मई 2026 को बाढ़ क्षेत्र में आवासीय कॉलोनियों को गलत बताया था। हालांकि, नियमों के मुताबिक 91 अनधिकृत कॉलोनियों को 31 दिसंबर 2026 तक किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा मिली हुई है। DDA के अधिकारियों ने भी माना है कि पुराने निर्माणों पर कोई एक्शन नहीं होगा। वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने भी निवासियों को भरोसा दिलाया है कि उनके घर सुरक्षित हैं, लेकिन उन्होंने लोगों से अपील की है कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, कोई नया निर्माण न करें।
पर्यावरण और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
जहाँ एक तरफ लोग राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं यमुना कार्यकर्ता भीम सिंह रावत ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि बाढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण को बढ़ावा देना खतरनाक हो सकता है। नदी के किनारे बसना लोगों की जान के लिए जोखिम भरा है और इससे नदी का पारिस्थितिकी तंत्र भी खराब होता है। फिलहाल सरकार और प्रशासन कोशिश कर रहे हैं कि लोगों के घरों को बचाते हुए नए अतिक्रमण को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या O जोन की कॉलोनियों में घर तोड़े जाएंगे?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और DDA के अनुसार, मौजूदा निर्माणों और पहले से बने घरों को नहीं तोड़ा जाएगा। हाई कोर्ट का आदेश केवल नए या चल रहे निर्माणों के खिलाफ है।
O जोन की कॉलोनियों को कब तक सुरक्षा मिली है?
नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली लॉज (स्पेशल प्रोविजन्स) सेकंड एक्ट 2011 के तहत 91 अनधिकृत कॉलोनियों को 31 दिसंबर 2026 तक दंडात्मक कार्रवाई से अस्थायी सुरक्षा मिली है।