Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की हवा को साफ करने के लिए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी नहीं मिलेगा। यह नियम 23 अप्रैल, 202
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की हवा को साफ करने के लिए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी नहीं मिलेगा। यह नियम 23 अप्रैल, 2026 से पूरी तरह लागू हो गया है, इसलिए घर से निकलने से पहले अपने कागजात जरूर चेक कर लें।
क्या है नया नियम और किन गाड़ियों पर होगा असर
दिल्ली सरकार ने ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम को स्थायी तौर पर लागू कर दिया है। यह नियम पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी से चलने वाले सभी वाहनों पर लागू होगा। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के मुताबिक, गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद PUC सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। इसके अलावा, 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों के लिए PUC जारी नहीं होगा, जिससे उन पर भी असर पड़ेगा।
जुर्माना और निगरानी का क्या तरीका है
नियम का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई बिना PUC के ईंधन भरवाने की कोशिश करता है, तो उसे 10,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है और वाहन भी जब्त किया जा सकता है। इस पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए सरकार ने खास इंतजाम किए हैं:
- स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल होगा।
- पेट्रोल पंपों पर वॉयस अलर्ट सिस्टम लगाया गया है।
- दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर इसकी जांच करेंगे।
कौन-कौन सी एजेंसियां करवा रही हैं लागू
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए यह जरूरी कदम है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इस नियम को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी कई विभागों को सौंपी गई है। इसमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण विभाग, MCD और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस शामिल हैं। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ईंधन देने से पहले PUC सर्टिफिकेट की सख्ती से जांच करें।