Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी के किसी भी पेट्रोल पंप या गैस आउटलेट पर बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी के किसी भी पेट्रोल पंप या गैस आउटलेट पर बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस नियम को स्थायी रूप से लागू करने का निर्देश दिया है ताकि हवा की क्वालिटी में सुधार लाया जा सके।
नियम क्या है और कब से लागू हुआ
दिल्ली सरकार के 2026 के “एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान” के तहत ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम को अब स्थायी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 23 अप्रैल, 2026 को इसे सख्ती से लागू करने का आदेश दिया। यह नियम केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 के तहत लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे केवल उन्हीं गाड़ियों में ईंधन भरें जिनके पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र हो।
जुर्माना और सर्टिफिकेट की वैधता
अगर कोई वाहन मालिक बिना वैध PUC के पकड़ा जाता है, तो उसे 10,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय पर अपनी गाड़ियों की जांच करा लें। सर्टिफिकेट की वैधता अलग-अलग गाड़ियों के लिए इस प्रकार है:
- BS-IV और BS-VI वाहन: 12 महीने की वैधता
- अन्य पुराने वाहन: 3 महीने की वैधता
इन विभागों को मिली निगरानी की जिम्मेदारी
इस नियम को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने कई विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। परिवहन विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, MCD और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मिलकर इसकी निगरानी करेंगे। अगर कोई पेट्रोल पंप इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो संबंधित एजेंसी या कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम CAQM के संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दिशानिर्देशों के अनुसार उठाया गया है।