Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में प्रदूषण कम करने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी के किसी भी पेट्रोल पंप या गैस स्टेशन से ईंधन लेने के लिए PUC सर्टिफिकेट होना जरूरी होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि &
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में प्रदूषण कम करने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी के किसी भी पेट्रोल पंप या गैस स्टेशन से ईंधन लेने के लिए PUC सर्टिफिकेट होना जरूरी होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि ‘No PUC, No Fuel’ पॉलिसी को अब स्थायी रूप से लागू किया जाएगा। जिन वाहन चालकों के पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा।
नियम कब से लागू होगा और क्या है आदेश
यह पॉलिसी 22 अप्रैल 2026 से स्थायी तौर पर लागू कर दी गई है। इससे पहले इसे दिसंबर 2025 में शुरू किया गया था। यह नियम सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के नियम 115 के तहत लिया गया है, जिसके अनुसार रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद हर वाहन के पास वैध PUC सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की हवा को साफ और स्वस्थ बनाने के लिए यह एक जरूरी कदम है।
किन विभागों को मिली जिम्मेदारी और क्या होगी कार्रवाई
इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए कई विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट, एमसीडी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मिलकर इसकी निगरानी करेंगे। साथ ही, पेट्रोल पंपों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना PUC वाले वाहनों को ईंधन देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। यह कदम CAQM के दिशा-निर्देशों और संशोधित GRAP के तहत उठाया गया है।
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना
प्रदूषण सर्टिफिकेट न होने पर वाहन मालिकों को भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के तहत सख्त सजा का प्रावधान है:
- नियम का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
- दोषी व्यक्ति को छह महीने तक की जेल हो सकती है।
- मामला गंभीर होने पर जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं।
- प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को जब्त भी किया जा सकता है।