Delhi: राजधानी दिल्ली के National Institute of Tuberculosis and Respiratory Diseases (NITRD) ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसे Swachh Bharat Mission Urban 2.0 के तहत भारत का पहला ‘Zero Waste
Delhi: राजधानी दिल्ली के National Institute of Tuberculosis and Respiratory Diseases (NITRD) ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसे Swachh Bharat Mission Urban 2.0 के तहत भारत का पहला ‘Zero Waste to Landfill’ कैंपस घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि अब इस अस्पताल का कोई भी कचरा लैंडफिल या कचरे के ढेरों में नहीं जाएगा, बल्कि उसका सही तरीके से निपटारा किया जाएगा।
NITRD ने यह उपलब्धि कैसे हासिल की?
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए ‘Why Waste Wednesdays Foundation’ ने अपने ‘Swachh Sankalp’ प्रोग्राम के जरिए काम किया। अस्पताल में कचरे का पूरा ऑडिट किया गया और स्टाफ के लिए करीब 50 ट्रेनिंग सेशन चलाए गए ताकि वे कचरे को अलग-अलग करना और रिसाइकिल करना सीख सकें। कैंपस के अंदर ही गीले कचरे के लिए कंपोस्टिंग सेंटर और सूखे कचरे के लिए रिसोर्स सेंटर बनाया गया है।
सरकारी नियम और मान्यताएं क्या हैं?
यह मान्यता 22 अप्रैल 2026 को मिली। यह पूरा प्रोजेक्ट Swachh Bharat Mission Urban 2.0 के तहत आता है, जिसे 2021 में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुरू किया था। इस मिशन का मकसद 2026 तक शहरों को कचरा मुक्त बनाना है। NITRD ने 2026 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट गाइडलाइन्स का पूरी तरह पालन किया है, जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय और MCD ने भी सराहा है।
इस मॉडल की मुख्य बातें क्या हैं?
- संस्था: National Institute of Tuberculosis and Respiratory Diseases (NITRD)
- मिशन: Swachh Bharat Mission Urban 2.0
- मुख्य पार्टनर: Why Waste Wednesdays Foundation (Swachh Sankalp प्रोग्राम)
- प्रक्रिया: वेस्ट ऑडिट, बेसलाइन सर्वे और स्टाफ ट्रेनिंग
- सुविधाएं: वेट वेस्ट कंपोस्टिंग और ड्राई वेस्ट रिसोर्स सेंटर