Delhi: दिल्ली में अब सभी कमर्शियल वाटर टैंकरों पर GPS लगाना अनिवार्य होगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यह नियम उन टैंकरों पर भी लागू होगा जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का पानी सप
Delhi: दिल्ली में अब सभी कमर्शियल वाटर टैंकरों पर GPS लगाना अनिवार्य होगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यह नियम उन टैंकरों पर भी लागू होगा जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का पानी सप्लाई करते हैं। अदालत ने साफ किया कि निगरानी न होने की वजह से टैंकर माफिया अवैध रूप से भूजल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे रोकना बहुत ज़रूरी है। अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें।
नियमों का पालन नहीं करने पर क्या होगी कार्रवाई?
NGT ने दिल्ली के चीफ सेकेट्री और पुलिस कमिश्नर को इन नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। टैंकर मालिकों और ड्राइवरों के लिए कुछ मुख्य नियम बनाए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर कानूनी फंदा कस सकता है:
- बिना GPS वाले टैंकरों को प्रशासन तुरंत ज़ब्त कर सकता है।
- नियम तोड़ने पर ड्राइवर और मालिक के खिलाफ FIR और क्रिमिनल केस दर्ज होगा।
- ड्राइवर को हर समय गेट पास, ट्रांजिट पास और गाड़ी के कागज साथ रखने होंगे।
- दिल्ली जल बोर्ड को आदेश मिला है कि वह हर लोड के लिए अलग पास जारी करे और उसका पूरा रिकॉर्ड रखे।
NGT ने क्यों और किसके लिए जारी किया यह आदेश?
अदालत ने उन टैंकर ऑपरेटरों की अर्जी को खारिज कर दिया है जो STP के पानी वाले टैंकरों को GPS से छूट दिलाना चाहते थे। NGT का कहना है कि निगरानी में कमी की वजह से कई बार अवैध तरीके से निकाले गए ज़मीनी पानी को ट्रीटेड पानी बताकर बेचा जाता है। जल बोर्ड के रिकॉर्ड को भी अदालत ने अधूरा माना है।
| लागू होने वाली चीज़ें |
किसे पालन करना होगा |
| GPS ट्रैकिंग सिस्टम |
सभी कमर्शियल वाटर टैंकर |
| पास और दस्तावेज़ |
ड्राइवर और ऑपरेटर |
| रिकॉर्ड मेंटेनेंस |
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) |
अदालत ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर नियमों का पालन करवाने में कोई अधिकारी ढिलाई बरतता है, तो उसके खिलाफ भी केस चलाया जा सकता है। यह कदम दिल्ली में पानी की चोरी और माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।