Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को क्लीन मोबिलिटी हब बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 लेकर आई है। इस नई पॉलिसी का मकसद शहर में प्रदूषण कम करना और लोगों को पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ लाना
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को क्लीन मोबिलिटी हब बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 लेकर आई है। इस नई पॉलिसी का मकसद शहर में प्रदूषण कम करना और लोगों को पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ लाना है। सरकार ने इसके लिए टैक्स में बड़ी छूट और सब्सिडी की घोषणा की है, जिससे अब दिल्ली वालों के लिए EV खरीदना काफी आसान और किफायती हो जाएगा।
EV खरीदने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी और छूट
नई पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को भारी बचत होगी। 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी। इसके अलावा, पुराने वाहनों को स्क्रैप करके नया EV लेने पर अलग से प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
| वाहन का प्रकार |
सब्सिडी/छूट की राशि |
| इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन |
₹30,000 तक सब्सिडी |
| ई-ऑटो |
₹50,000 तक सब्सिडी |
| पुरानी कार स्क्रैप करने पर (EV खरीद) |
₹1 लाख तक का लाभ |
| पुराना दोपहिया स्क्रैप करने पर (EV खरीद) |
₹10,000 का लाभ |
| पुराना तिपहिया स्क्रैप करने पर (EV खरीद) |
₹25,000 का लाभ |
| ICE कार को EV में बदलना (Retrofitting) |
₹50,000 अनुदान |
चार्जिंग स्टेशन और नए नियम क्या होंगे
सरकार चार्जिंग की समस्या को दूर करने के लिए 2026 में 7,000 नए चार्जिंग पॉइंट और 100 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाएगी। इससे शहर में कुल चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या 16,000 से ज्यादा हो जाएगी। DMRC और RRTS भी अपने स्तर पर चार्जिंग पॉइंट बढ़ाएंगे। बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए भी एक नया सिस्टम बनाया जाएगा।
पेट्रोल-डीजल वाहनों पर कब लगेगा बैन
दिल्ली सरकार ने धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल वाहनों के रजिस्ट्रेशन को बंद करने का प्लान बनाया है। 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं 1 अप्रैल 2028 से पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। स्कूल बसों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक किया जाएगा, जिसमें 2030 तक कम से कम 30% बसें इलेक्ट्रिक होंगी।
गिग वर्कर्स और खास परमिट की सुविधा
जो लोग डिलीवरी या एग्रीगेटर सेवाओं (जैसे Ola, Uber, Swiggy, Zomato) से जुड़े हैं, उनके लिए नियम सख्त होंगे। 1 जनवरी 2026 से ये कंपनियां अपने बेड़े में पेट्रोल या डीजल वाहन नहीं जोड़ पाएंगी। साथ ही, महिलाओं के लिए ‘पिंक परमिट’ और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ‘रेनबो परमिट’ जैसे विशेष प्रावधान भी रखे गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली की नई EV पॉलिसी कब तक लागू रहेगी?
यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहने का प्रस्ताव है, जिसमें टैक्स छूट और सब्सिडी के प्रावधान शामिल हैं।
क्या पेट्रोल स्कूटर का रजिस्ट्रेशन बंद होगा?
हाँ, दिल्ली सरकार के ड्राफ्ट के अनुसार 1 अप्रैल 2028 से पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों के पंजीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध होगा।