Delhi में अब हर बोरवेल पर लगेगा मीटर, पानी निकालने के हिसाब से देना होगा शुल्क

Delhi: दिल्ली सरकार शहर में पानी की बर्बादी रोकने और भूजल के सही इस्तेमाल के लिए एक नई बोरवेल नीति लाने जा रही है। अब चाहे घर हो या कोई दुकान, हर बोरवेल पर पानी का मीटर लगाना जरूरी होगा। सरकार का मकसद यह है कि लोग पानी क

Delhi: दिल्ली सरकार शहर में पानी की बर्बादी रोकने और भूजल के सही इस्तेमाल के लिए एक नई बोरवेल नीति लाने जा रही है। अब चाहे घर हो या कोई दुकान, हर बोरवेल पर पानी का मीटर लगाना जरूरी होगा। सरकार का मकसद यह है कि लोग पानी का मनमाना इस्तेमाल न करें और जितनी मात्रा में जमीन से पानी निकालें, उसी के हिसाब से शुल्क चुकाएं।

नई नीति के मसौदे में साफ किया गया है कि सभी घरेलू और व्यावसायिक बोरवेल को नियमित किया जाएगा। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा जिससे लोग आसानी से आवेदन कर सकेंगे। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है और जिला मजिस्ट्रेट से NOC लेने की जरूरत को खत्म किया जा सकता है, बस एक छोटी सी फीस देनी होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जल संरक्षण अब प्राथमिकता है, इसलिए केवल उन्हीं घरों या कॉलोनियों को बोरवेल की अनुमति मिलेगी जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा होगा। वहीं बजट होटलों और गेस्ट हाउसों को एक महीने के भीतर दिल्ली जल बोर्ड की देखरेख में मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

जल मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा के मुताबिक सरकार का लक्ष्य बोरवेल से जुड़ी कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही को खत्म करना है। फिलहाल सरकार ने केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) और पर्यावरण विभाग से शुल्क तय करने के लिए राय मांगी है। अधिकारियों का मानना है कि शहर में आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा अवैध बोरवेल हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करने की योजना भी बनाई जा रही है।