Delhi: दिल्ली और NCR के लोगों के लिए गर्मी मुसीबत बन गई है। सोमवार, 8 जून 2026 को अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को तेज लू और चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ा। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभ
Delhi: दिल्ली और NCR के लोगों के लिए गर्मी मुसीबत बन गई है। सोमवार, 8 जून 2026 को अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को तेज लू और चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ा। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में मौसम बदलेगा और बारिश से तापमान में गिरावट आएगी।
कब और कैसी होगी बारिश
IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR में 11 जून और 12 जून को आंधी और हल्की बारिश होने की संभावना है। इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले 7 जून को भी विभाग ने तेज आंधी, बिजली और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया था, जिसमें हवा की रफ्तार 40-70 किमी/घंटा तक रहने की बात कही गई थी।
देश के अन्य हिस्सों में मॉनसून का हाल
एक तरफ दिल्ली-यूपी में गर्मी का दौर फिर से शुरू हो गया है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ रहा है। IMD की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मॉनसून अब पश्चिम-मध्य और पूर्वी-मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में पहुंच चुका है। पिछले 72 घंटों में यह केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों सहित कुल 11 राज्यों में दस्तक दे चुका है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। लेकिन 11 और 12 जून की बारिश राहत लेकर आएगी। इसके अलावा, आगामी 7 दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तरपूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। कर्नाटक में 8 से 10 जून के बीच अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-NCR में तापमान कितना दर्ज किया गया और राहत कब मिलेगी?
8 जून 2026 को दिल्ली-NCR में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। IMD के अनुसार, 11 और 12 जून को आंधी और हल्की बारिश होने से गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
भारत में मॉनसून की वर्तमान स्थिति क्या है?
मॉनसून केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत समेत 11 राज्यों में पहुंच चुका है। यह अब अरब सागर और तेलंगाना के कुछ हिस्सों की ओर आगे बढ़ रहा है।