Delhi: दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर आतंकी संगठनों के रडार पर है. सुरक्षा एजेंसियों की हालिया रिपोर्टों के अनुसार आतंकी यहां ‘मैक्सिमम इम्पैक्ट’ और मनोवैज्ञानिक युद्ध फैलाने की फिराक में हैं. वे देश की राजधानी और
Delhi: दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर आतंकी संगठनों के रडार पर है. सुरक्षा एजेंसियों की हालिया रिपोर्टों के अनुसार आतंकी यहां ‘मैक्सिमम इम्पैक्ट’ और मनोवैज्ञानिक युद्ध फैलाने की फिराक में हैं. वे देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में घनी आबादी का फायदा उठाकर छिपने और ‘लोन वुल्फ’ हमले करने की साजिश रच रहे हैं. हाल के दिनों में दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों ने कई बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है जो बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की योजना बना रहे थे.
हाल के महीनों में पकड़े गए बड़े आतंकी मॉड्यूल और उनकी साजिशें
सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों में दिल्ली, यूपी और पंजाब सहित कई राज्यों में बड़ी कार्रवाई की है. आतंकियों द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों में तकनीक और खिलौनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. पिछले कुछ हफ्तों की प्रमुख घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:
| तारीख |
घटना और की गई कार्रवाई |
| 10 अप्रैल, 2026 |
ISI के जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 11 लोग गिरफ्तार. सोलर सीसीटीवी कैमरों से सेना की जासूसी कर रहे थे. |
| 06 अप्रैल, 2026 |
खिलौना कार बम से भीड़भाड़ वाली जगहों पर हमले की साजिश नाकाम. दिल्ली, मुंबई और लखनऊ से कई संदिग्ध पकड़े गए. |
| 05 अप्रैल, 2026 |
यूपी एटीएस ने बड़े नेताओं की हत्या और शोरूम जलाने की साजिश का पर्दाफाश किया. |
| 30 मार्च, 2026 |
लश्कर और ISI से जुड़े शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी, जो युवाओं की भर्ती कर रहा था. |
| 22 फरवरी, 2026 |
स्पेशल सेल ने 8 आतंकियों को पकड़ा, जिनमें 7 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे. |
सुरक्षा व्यवस्था और ‘प्रहार’ रणनीति से कैसे निपट रही एजेंसियां
भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है जिसके तहत ‘प्रहार’ नाम की रणनीति पर काम किया जा रहा है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य हमलों को रोकना, खुफिया जानकारी जुटाना और कट्टरपंथ को कम करना है. गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में घोषणा की है कि मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और अयोध्या जैसे महत्वपूर्ण शहरों में नए NSG केंद्र बनाए जाएंगे ताकि किसी भी हमले का तुरंत जवाब दिया जा सके.
सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘लोन वुल्फ’ हमले और ‘गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़’ है. दिल्ली पुलिस और एनआईए अब इन नेटवर्क को तोड़ने के लिए संयुक्त अभियान चला रही हैं. दिल्ली में किरायेदारों के सत्यापन की प्रक्रिया को भी काफी सख्त कर दिया गया है ताकि बाहरी लोग स्लीपर सेल के रूप में न छिप सकें. विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकियों का मकसद आर्थिक राजधानी और राजनीतिक केंद्र को नुकसान पहुंचाकर देश की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करना है.