Delhi: दिल्ली-एनसीआर में कमर्शियल वाहनों और टैक्सी यूनियनों की तीन दिवसीय हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर गई है। यह विरोध प्रदर्शन 21 मई से शुरू हुआ है और 23 मई तक चलेगा। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (A
Delhi: दिल्ली-एनसीआर में कमर्शियल वाहनों और टैक्सी यूनियनों की तीन दिवसीय हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर गई है। यह विरोध प्रदर्शन 21 मई से शुरू हुआ है और 23 मई तक चलेगा। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) और चालक शक्ति यूनियन समेत करीब 68 ट्रांसपोर्ट संगठन इस ‘चक्का जाम’ में शामिल हैं, जिससे राजधानी की सड़कों और बॉर्डर पर असर देखा जा रहा है।
ड्राइवरों की मुख्य मांगें और विवाद की वजह क्या है?
हड़ताल का सबसे बड़ा कारण दिल्ली सरकार द्वारा बढ़ाया गया एनवायरमेंट कंपनसेशन सेस (ECC) है। 19 अप्रैल से लागू हुए नए नियमों के मुताबिक, हल्के कमर्शियल वाहनों और दो-एक्सल ट्रकों का टैक्स 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, तीन-एक्सल और भारी वाहनों के लिए यह राशि 2,600 रुपये से बढ़कर 4,000 रुपये हो गई है। इसके अलावा, यूनियन 1 नवंबर 2026 से गैर-दिल्ली पंजीकृत BS-IV वाहनों के प्रवेश पर लगने वाली रोक का भी विरोध कर रही है।
आम जनता और ट्रांसपोर्ट पर क्या असर पड़ा?
हड़ताल की वजह से रेलवे स्टेशनों और ट्रांसपोर्ट हब जैसे व्यस्त इलाकों में यात्रियों को परेशानी हुई है। AIMTC के मुताबिक, पहले दिन सामान्य तौर पर आने वाले 70,000 ट्रकों के मुकाबले केवल 100-200 ट्रक ही दिल्ली में घुसे। गाड़ियों को गाजीपुर, टिकरी और सिंघु जैसे बॉर्डर पर खड़ा किया गया है। हालांकि, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन जैसे कई संगठनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है, इसलिए ऑटो रिक्शा सेवाएं सामान्य रूप से चालू हैं।
किराए और कमाई को लेकर क्या है शिकायत?
चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने बताया कि CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे मध्यम वर्ग के ड्राइवरों के लिए परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। ड्राइवरों का आरोप है कि पिछले 15 सालों से टैक्सी किराए नहीं बढ़ाए गए हैं। साथ ही ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप आधारित एग्रीगेटर्स द्वारा आर्थिक शोषण किए जाने की बात भी कही गई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर एक-दो हफ्ते में किराए बढ़ाने का नोटिफिकेशन नहीं आया, तो आंदोलन और तेज होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह हड़ताल कब तक चलेगी?
यह हड़ताल 21 मई 2026 को शुरू हुई थी और 23 मई 2026 तक चलने का कार्यक्रम है।
क्या ऑटो रिक्शा भी इस हड़ताल में शामिल हैं?
नहीं, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन जैसे कई संगठनों ने खुद को इस हड़ताल से अलग रखा है, इसलिए ऑटो सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।