Delhi-NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों में 46 डिग्री से ज्यादा तापमान के साथ अब ‘गर्मियों का प्रदूषण’ लोगों के लिए नई मुसीबत बन गया है। हवा में पीएम10 धूल और ग्राउंड-लेवल ओजोन की मात्रा बढ़ने से लोगों की सेहत प
Delhi-NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों में 46 डिग्री से ज्यादा तापमान के साथ अब ‘गर्मियों का प्रदूषण’ लोगों के लिए नई मुसीबत बन गया है। हवा में पीएम10 धूल और ग्राउंड-लेवल ओजोन की मात्रा बढ़ने से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 19 मई, 2026 से GRAP-1 के नियमों को दोबारा लागू कर दिया है।
GRAP-1 लागू होने के बाद क्या-क्या पाबंदियां लगीं?
प्रदूषण को कम करने के लिए CAQM ने कई सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब होटलों, रेस्तरां और खुले ढाबों में तंदूर के लिए कोयले या लकड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। डीजल जनरेटर सेट का उपयोग सिर्फ इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं के लिए ही होगा। साथ ही, सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा और खुले में कचरा जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निर्माण स्थलों पर भी एंटी-स्मॉग उपाय करने को कहा गया है।
शहरों में AQI का स्तर और स्वास्थ्य पर असर
19 मई को दिल्ली का AQI 208 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है। वहीं ग्रेटर नोएडा में यह 304, नोएडा में 238 और गाजियाबाद में 248 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप के कारण नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य गैसों की प्रतिक्रिया से ग्राउंड-लेवल ओजोन बनता है, जिससे गले में जलन, आंखों में दिक्कत और फेफड़ों की बीमारियां बढ़ सकती हैं। IMD ने आने वाले दिनों में भी AQI खराब रहने और लू चलने की चेतावनी दी है।
आम जनता के लिए जरूरी सलाह और उपाय
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक सिग्नल पर अपनी गाड़ियां बंद रखें और PUC सर्टिफिकेट अपडेट रखें। इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड वाहनों को प्राथमिकता देने और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को दोपहर की धूप में बाहर निकलने से बचने, खूब पानी पीने और सूती कपड़े पहनने को कहा है। प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें Green Delhi App और SAMEER App के जरिए की जा सकती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GRAP-1 के तहत किन चीजों पर रोक लगाई गई है?
GRAP-1 के तहत होटलों और ढाबों में तंदूर के लिए कोयला-लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक है। डीजल जनरेटर का उपयोग केवल इमरजेंसी सेवाओं के लिए होगा और खुले में कचरा जलाना प्रतिबंधित है।
गर्मियों में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
गर्मियों में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण पीएम10 धूल और ग्राउंड-लेवल ओजोन है। सूरज की तेज रोशनी में नाइट्रोजन ऑक्साइड और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों की रासायनिक प्रतिक्रिया से ओजोन बनता है।