Delhi-NCR : दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपना घर खरीदने का सपना अब मध्यम वर्ग के लिए महंगा होता जा रहा है। प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल और होम लोन की बढ़ती EMI ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। अब स्थिति यह है कि अच्छी
Delhi-NCR : दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपना घर खरीदने का सपना अब मध्यम वर्ग के लिए महंगा होता जा रहा है। प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल और होम लोन की बढ़ती EMI ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। अब स्थिति यह है कि अच्छी सैलरी होने के बावजूद लोग शहर के बीचों-बीच घर नहीं ले पा रहे हैं और उन्हें दूरदराज के इलाकों का रुख करना पड़ रहा है।
प्रॉपर्टी की कीमतों में कितनी बढ़ोत्तरी हुई है?
बाजार के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले एक साल में घरों की कीमतों में 49% की बड़ी वृद्धि हुई है। Anarock की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2024 की तिमाही में सालाना 24% की बढ़त दर्ज की गई। पिछले 5 सालों की बात करें तो प्रॉपर्टी रेट्स करीब 81% तक बढ़ चुके हैं। JLL India के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही तक अपार्टमेंट की कीमतें 20% तक बढ़ गई हैं, जबकि मांग में वैसी तेजी नहीं है।
सैलरी और बजट का क्या होना चाहिए?
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, घर खरीदते समय बजट आपकी सालाना कमाई का चार से पांच गुना होना चाहिए। साथ ही, आपकी महीने की कमाई का 30-35% से ज्यादा हिस्सा EMI में नहीं जाना चाहिए। अलग-अलग सैलरी स्लैब के लिए बजट इस प्रकार है:
| सालाना/मासिक आय |
संभावित बजट/लोन |
अनुमानित EMI |
| सालाना 20-25 लाख |
80 लाख से 1 करोड़ रुपये |
– |
| 50,000 रुपये महीना |
30-40 लाख का लोन (कुल बजट 35-50 लाख) |
15,000-18,000 रुपये |
| 60,000 रुपये महीना |
25-40 लाख का लोन (बजट 25-40 लाख) |
15,000-20,000 रुपये |
खरीदार अब किन इलाकों की ओर जा रहे हैं?
कीमतें बढ़ने के कारण लोग अब शहर के मुख्य हिस्सों को छोड़कर न्यू गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, फरीदाबाद, यमुना एक्सप्रेस-वे, राजनगर एक्सटेंशन, वेव सिटी और सोहना जैसे इलाकों में घर देख रहे हैं। इन जगहों पर एंट्री प्राइस कम है और कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। वहीं, DDA ने मेट्रो कॉरिडोर के पास 14 जमीनों की पहचान की है जहाँ किफायती आवास बनाए जाएंगे ताकि लोग दिल्ली छोड़कर बाहर न जाएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदने के लिए कितनी सैलरी जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार, 1 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के लिए EMI और जीवन-यापन के खर्चों को मैनेज करने के लिए सालाना 20-25 लाख रुपये की इनकम होनी चाहिए।
क्या किराए से EMI चुकाने वाला मॉडल सही है?
यह मॉडल पूरी तरह काम नहीं करता क्योंकि रेंटल यील्ड (2.5-3.5%) होम लोन की ब्याज दरों से काफी कम है, जिससे खरीदार को अपनी जेब से अतिरिक्त पैसा देना पड़ता है।