Delhi-NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी बिगड़ने के बाद सरकार ने GRAP-1 लागू कर दिया है। 16 अप्रैल 2026 को दिल्ली का AQI 226 तक पहुँच गया, जिससे हवा ‘खराब’ कैटेगरी में आ गई। प्रदूषण को रोकने क
Delhi-NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी बिगड़ने के बाद सरकार ने GRAP-1 लागू कर दिया है। 16 अप्रैल 2026 को दिल्ली का AQI 226 तक पहुँच गया, जिससे हवा ‘खराब’ कैटेगरी में आ गई। प्रदूषण को रोकने के लिए Commission for Air Quality Management (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से यह कदम उठाया है ताकि आने वाले दिनों में स्थिति और न बिगड़े।
GRAP-1 लागू होने के बाद क्या बदल जाएगा
अब सड़कों पर धूल उड़ाने और कूड़ा जलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। निर्माण कार्यों (Construction) की निगरानी बढ़ाई जाएगी और 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स को डस्ट कंट्रोल प्लान का पालन करना होगा। इसके अलावा, सड़क किनारे चलने वाले ढाबों और कमर्शियल किचन में कोयला या लकड़ी जलाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी, उन्हें अब बिजली या गैस का इस्तेमाल करना होगा।
गाड़ियों और जनजीवन पर क्या असर होगा
प्रदूषण कम करने के लिए सड़कों पर चलने वाली पुरानी गाड़ियों पर सख्ती बढ़ाई गई है। अब 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन दिल्ली की सड़कों पर नहीं चल सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस रेड लाइट पर इंजन बंद करने की सलाह देगी और जरूरी काम के अलावा डीजल जनरेटर सेट (DG sets) के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
मुख्य नियम और प्रतिबंधों की लिस्ट
| क्षेत्र |
नियम/प्रतिबंध |
| वाहन |
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित |
| निर्माण कार्य |
धूल रोकने के उपायों की सख्त निगरानी |
| ईंधन |
कमर्शियल किचन में कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल बंद |
| कचरा |
खुले में कूड़ा या बायोमास जलाने पर पाबंदी |
| ट्रैफिक |
रेड लाइट पर इंजन बंद करने की सलाह |
| जनरेटर |
डीजल जनरेटर केवल इमरजेंसी के लिए मान्य |
IMD और IITM के मुताबिक अगले दो दिनों तक हवा की क्वालिटी खराब रहने की संभावना है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे बाहर कम निकलें और निजी गाड़ियों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।