Delhi-NCR: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के इलाकों में हवा की क्वालिटी फिर से बिगड़ने लगी है। 16 अप्रैल 2026 को नोएडा में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा देखा गया, जहां AQI 438 तक पहुंच गया जो सेहत के लिए खतरनाक है। दिल्ली और आ
Delhi-NCR: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के इलाकों में हवा की क्वालिटी फिर से बिगड़ने लगी है। 16 अप्रैल 2026 को नोएडा में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा देखा गया, जहां AQI 438 तक पहुंच गया जो सेहत के लिए खतरनाक है। दिल्ली और आसपास के शहरों में लोग बढ़ते प्रदूषण का सामना कर रहे हैं, जिसे रोकने के लिए सरकार ने नए एक्शन प्लान तैयार किए हैं।
शहरों में प्रदूषण का क्या है हाल
ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग शहरों में हवा की स्थिति इस प्रकार है। नोएडा की हवा सबसे ज्यादा खराब है, जबकि गुरुग्राम की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है।
| शहर |
AQI लेवल |
श्रेणी |
| नोएडा |
438 |
खतरनाक |
| दिल्ली |
324 |
बहुत खराब |
| फरीदाबाद |
224 |
खराब |
| गुरुग्राम |
198 |
मध्यम |
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026’ शुरू किया गया है। इस योजना के तहत दिल्ली की हवा सुधारने के लिए तकनीक और सख्ती का इस्तेमाल होगा। धूल रोकने के लिए 1 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू हो चुके हैं, जिसमें मलबे के निपटान और ऑनलाइन ट्रैकिंग पर जोर दिया गया है। नियमों को तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
गाड़ियों और कचरे के ढेर को लेकर क्या हैं नए नियम
सरकार ने भारी वाहनों और लैंडफिल साइट्स के लिए सख्त समयसीमा तय की है। आने वाले समय में दिल्ली की सड़कों पर केवल साफ ईंधन वाली गाड़ियां ही दिखेंगी।
- 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में सिर्फ BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को एंट्री मिलेगी।
- बिना PUC के ईंधन नहीं मिलेगा, इसे ANPR कैमरों से ट्रैक किया जाएगा।
- ओखला लैंडफिल जुलाई 2026 तक, भलस्वा दिसंबर 2026 तक और गाजीपुर लैंडफिल दिसंबर 2027 तक साफ किया जाएगा।
- 2029 तक बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 की जाएगी और 32,000 नए EV चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे।