Delhi-NCR: दिल्ली और एनसीआर के ऑफिस मार्केट में पिछले कुछ समय से सुस्ती देखी जा रही है। रियल एस्टेट कंपनी JLL India की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में ऑफिस स्पेस के शुद्ध पट्टे (Net Leasing) मे
Delhi-NCR: दिल्ली और एनसीआर के ऑफिस मार्केट में पिछले कुछ समय से सुस्ती देखी जा रही है। रियल एस्टेट कंपनी JLL India की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में ऑफिस स्पेस के शुद्ध पट्टे (Net Leasing) में 60 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है। अब यह घटकर केवल 15 लाख वर्ग फुट रह गया है, जिसका मुख्य कारण नए ऑफिस स्पेस की कमी होना बताया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में गिरावट की क्या है वजह?
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में ऑफिस लेने वालों की संख्या में कमी इसलिए आई क्योंकि बाजार में नए ऑफिस स्पेस की सप्लाई कम रही। हालांकि, पूरे भारत के स्तर पर देखा जाए तो ऑफिस मार्केट काफी मजबूत रहा है। JLL India के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक राहुल अरोड़ा ने बताया कि ग्लोबल चुनौतियों के बाद भी भारत का ऑफिस बाजार लचीला रहा और सकल पट्टे (Gross Leasing) में 10.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
पूरे भारत के ऑफिस मार्केट का हाल क्या है?
भारत के समग्र ऑफिस मार्केट में Q1 2026 के दौरान काफी तेजी रही। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर इस मांग को बढ़ाने में सबसे आगे रहे।
| विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
| कुल सकल पट्टा गतिविधि (All India) |
21.5 मिलियन वर्ग फुट |
| साल-दर-साल वृद्धि |
10.2 प्रतिशत |
| GCCs का योगदान |
45.5 प्रतिशत |
| फ्लेक्स ऑपरेटरों का योगदान |
25.9 प्रतिशत |
| पैन-इंडिया रिक्ति दर (Vacancy Rate) |
14.7 प्रतिशत (5 साल का निचला स्तर) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-एनसीआर में ऑफिस पट्टे में कितनी गिरावट आई है?
JLL India की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में दिल्ली-एनसीआर में शुद्ध पट्टा गतिविधियां 60 प्रतिशत घटकर 15 लाख वर्ग फुट रह गई हैं।
भारतीय ऑफिस मार्केट में मांग बढ़ाने वाले मुख्य कारक कौन हैं?
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने कुल मांग में 45.5 प्रतिशत और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों ने 25.9 प्रतिशत का योगदान दिया है।