Delhi में घर खरीदना हुआ मुश्किल, 2 लाख सैलरी के बाद भी 2BHK फ्लैट की कीमत 2.5 करोड़ तक पहुंची
Delhi: दिल्ली और एनसीआर में घर की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि अब मध्यम वर्ग के लिए अपना घर लेना एक सपना बनता जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ जिसमें एक कपल ने बताया कि उनकी महीने की कुल कमाई 2 लाख रु
Delhi: दिल्ली और एनसीआर में घर की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि अब मध्यम वर्ग के लिए अपना घर लेना एक सपना बनता जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ जिसमें एक कपल ने बताया कि उनकी महीने की कुल कमाई 2 लाख रुपये है, लेकिन फिर भी वे द्वारका और पीतमपुरा जैसे सुरक्षित इलाकों में 2 से 2.5 करोड़ रुपये का 2BHK फ्लैट नहीं खरीद पा रहे हैं। इस चर्चा ने शहर में इनकम और प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच बढ़ते अंतर को सबके सामने ला दिया है।
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी Anarock की 29 जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी की कीमतों में देश के अन्य शहरों के मुकाबले सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। मार्केट का रुझान अब लग्जरी घरों की तरफ बढ़ रहा है, जहां 2025 में लॉन्च हुए 55% से ज्यादा घर 2.5 करोड़ रुपये से महंगे थे। मिडिल क्लास खरीदारों के लिए अब विकल्प कम होते जा रहे हैं।
आम आदमी की मदद के लिए सरकार और DDA ने कुछ कदम उठाए हैं। DDA ने 29 जून 2026 को ‘नागरिक आवास योजना 2026’ के तहत आवेदन शुरू किए हैं। इसके तहत {नरेला और सिरसपुर} जैसे इलाकों में 1BHK, 2BHK और 3BHK फ्लैट पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिए जा रहे हैं, जिनकी शुरुआती कीमत 9.60 लाख रुपये है।
प्रॉपर्टी बाजार और बजट को लेकर विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी बातें बताई हैं:
| विवरण | जानकारी/नियम |
|---|---|
| आदर्श बजट | सालाना कमाई का 4 से 5 गुना (जैसे 20 लाख सालाना कमाई पर बजट 80 लाख से 1 करोड़) |
| NCR रीजनल प्लान 2041 | 20 लाख करोड़ के निवेश से नए शहर और हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना |
| लैंड पूलिंग पॉलिसी 2025 | जमीन के मालिकों के जरिए आवास की सप्लाई बढ़ाकर कीमतें कम करने की कोशिश |
| अनधिकृत कॉलोनियां | 1,500 से ज्यादा कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला, जिससे 50 लाख लोग लाभान्वित होंगे |
| PMAY CLSS | किफायती और मध्यम आय वर्ग के लिए ब्याज सब्सिडी की सुविधा 2026 तक उपलब्ध |
| रजिस्ट्रेशन नियम 2025 | संपत्ति की असल ओनरशिप और फंड के स्रोत का खुलासा करना अनिवार्य |
सेबी रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर अभिषेक कुमार के अनुसार, वित्तीय तनाव से बचने के लिए घर का बजट अपनी सालाना आय के हिसाब से तय करना चाहिए। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि 2026 में घर खरीदने वालों की संख्या में कमी आई है और लोग महंगी कीमतों के कारण अब घर खरीदने में हिचकिचा रहे हैं।