Delhi: दिल्ली और एनसीआर के लोग अब वीकेंड पर शोर-शराबे से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद कर रहे हैं। तनाव कम करने के लिए लोग अब शहर में ही छिपी हुई झीलों और ट्रेकिंग ट्रेल्स की ओर रुख कर रहे हैं। सरकार भी इस बात को सम
Delhi: दिल्ली और एनसीआर के लोग अब वीकेंड पर शोर-शराबे से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद कर रहे हैं। तनाव कम करने के लिए लोग अब शहर में ही छिपी हुई झीलों और ट्रेकिंग ट्रेल्स की ओर रुख कर रहे हैं। सरकार भी इस बात को समझते हुए दिल्ली को ‘झीलों का शहर’ बनाने की तैयारी में है ताकि लोगों को ताजी हवा और मनोरंजन के साधन मिल सकें।
दिल्ली में कौन सी झीलें विकसित हो रही हैं?
दिल्ली सरकार 26 झीलों और 380 जल निकायों को विकसित करने पर काम कर रही है। रोहिणी झील को वर्ल्ड क्लास पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है, जहाँ कैफेटेरिया, बच्चों का पार्क और वाटर गार्डन जैसी सुविधाएँ होंगी। निलोठी में 10.5 एकड़ में तीन कृत्रिम झीलें और एसटीपी तैयार किया गया है, जबकि तिमारपुर झील का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इन जगहों का मकसद भूजल स्तर बढ़ाना और लोगों को घूमने की जगह देना है।
प्रकृति प्रेमियों के लिए और क्या विकल्प हैं?
दिल्ली-एनसीआर में नैनी झील, ओखला पक्षी विहार, सुल्तानपुर नेशनल पार्क और हौज खास झील जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। डीडीए यमुना नदी के किनारे 53 किलोमीटर लंबा साइकिलिंग कॉरिडोर बनाने का मास्टरप्लान तैयार कर रहा है। वहीं, गाजियाबाद का सिटी फॉरेस्ट राज नगर एक्सटेंशन भी काफी लोकप्रिय हो गया है। यहाँ 10 रुपये प्रवेश शुल्क पर लोग नौका विहार, जिप-लाइनिंग और साइकिलिंग का आनंद ले सकते हैं। यह सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए गए?
अरावली क्षेत्र की निगरानी के लिए दिल्ली वन विभाग सेवानिवृत्त वन अधिकारियों को सलाहकार के रूप में नियुक्त करेगा। दूसरी ओर, एनजीटी ने असोला, साहूपुर और भाटी गांवों की वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के पुराने आदेशों पर सख्ती दिखाई है और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। प्रदूषण रोकने के लिए GRAP के नियम भी लागू हैं, जो वाहनों और ऑफिस वर्किंग घंटों को प्रभावित करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गाजियाबाद सिटी फॉरेस्ट की टाइमिंग और फीस क्या है?
सिटी फॉरेस्ट राज नगर एक्सटेंशन सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है और यहाँ प्रवेश शुल्क मात्र 10 रुपये है।
दिल्ली सरकार झीलों के विकास के लिए क्या कर रही है?
सरकार 26 झीलों और 380 जल निकायों को विकसित कर रही है, जिसमें रोहिणी, निलोठी और तिमारपुर झील को पर्यटन स्थलों के रूप में तैयार किया जा रहा है।