Delhi: दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। IMD ने 11 और 12 जून 2026 के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों के लिए ‘Extre
Delhi: दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। IMD ने 11 और 12 जून 2026 के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों के लिए ‘Extremely Severe Alert’ भी जारी किया गया है, जिससे लोगों को अगले कुछ घंटों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम का हाल और हवा की रफ्तार क्या रहेगी
IMD के मुताबिक 11 जून को दिल्ली-NCR में बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। वहीं, ‘Extremely Severe Alert’ वाले इलाकों में हवा की गति 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है, जो कुछ जगहों पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा भी छू सकती है। बारिश के बावजूद तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जिससे उमस बढ़ेगी।
आम जनता के लिए जरूरी गाइडलाइंस और बचाव
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर ही रहें और बिना वजह बाहर निकलने से बचें। बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न खड़े हों और ढीली चीजों को सुरक्षित कर लें। इसके अलावा, समुद्र में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में न जाने की सलाह दी गई है।
बारिश और मानसून का अगला अपडेट
पर्यावरण विशेषज्ञ Rajesh Paul के अनुसार, यह मौसम पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की नमी के मिलने से बन रहा है, जिससे वातावरण में अस्थिरता है। दिल्ली-NCR में 25 से 30 जून के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने का अनुमान है। इससे पहले जून के पहले हफ्ते में भी रेड अलर्ट जारी किया गया था, जिससे शहर में भारी बारिश और तेज हवाएं चली थीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-NCR में ऑरेंज अलर्ट कब तक प्रभावी है?
IMD ने 11 और 12 जून 2026 के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें गरज-चमक के साथ हल्की से भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
Extremely Severe Alert का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि अगले कुछ घंटों में बहुत तेज हवाएं (70-100 kmph), भारी बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है, जिससे जान-माल का नुकसान होने का खतरा रहता है।