Delhi: दिल्ली NCR के लोगों के लिए सफर अब और आसान हो गया है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने Urban Extension Road-II (UER-II) पर स्थित Mundka-Bakkarwala टोल प्लाजा पर बिना बैरियर वाले टोलिंग सिस्टम (MLFF) की शुरुआत की है
Delhi: दिल्ली NCR के लोगों के लिए सफर अब और आसान हो गया है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने Urban Extension Road-II (UER-II) पर स्थित Mundka-Bakkarwala टोल प्लाजा पर बिना बैरियर वाले टोलिंग सिस्टम (MLFF) की शुरुआत की है। यह दिल्ली NCR का पहला और पूरे भारत का दूसरा ऐसा टोल प्लाजा है जहाँ गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा।
बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा से क्या होगा फायदा
इस नए सिस्टम से हाईवे पर लगने वाली लंबी लाइनों और जाम से छुटकारा मिलेगा। Nitin Gadkari ने बताया कि इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। यह तकनीक ‘Ease of Living’ को बढ़ावा देगी जिससे सामान और गाड़ियां तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुँच सकेंगी। NHAI के चेयरमैन Santosh Kumar Yadav ने कहा कि यह सिस्टम टोल वसूली को और भी पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाएगा।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम और क्या हैं नियम
यह सिस्टम FASTag और Automatic Number Plate Recognition (ANPR) तकनीक पर आधारित है, जिससे टोल का पैसा अपने आप कट जाएगा। अगर किसी गाड़ी के FASTag में बैलेंस नहीं है या कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो यूजर को एक Electronic Notice (E-Notice) भेजा जाएगा। इस नोटिस के बाद टोल भरने के लिए 72 घंटे का समय मिलेगा। अगर तय समय में भुगतान नहीं किया गया, तो टोल की राशि दोगुनी हो सकती है।
देशभर में कब तक लागू होगा यह सिस्टम
NHAI ने आने वाले समय के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। सितंबर 2026 तक नौ राज्यों के 17 टोल प्लाजा पर यह सुविधा शुरू करने का लक्ष्य है। इसके बाद मार्च 2027 तक दूसरे चरण में 108 से ज्यादा और प्लाजा को इससे जोड़ा जाएगा। सरकार का मकसद 2026 के अंत तक नेशनल हाईवे से फिजिकल बैरियर हटाना है, जबकि मार्च 2029 तक सभी चार-लेन और उससे बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे पर इसे लागू करने की योजना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगर FASTag में पैसे न हों तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में यूजर को एक E-Notice भेजा जाएगा। टोल भरने के लिए 72 घंटे का समय दिया जाएगा, वरना टोल राशि दोगुनी हो सकती है।
भारत का पहला बैरियर-लेस टोल प्लाजा कहाँ है?
भारत का पहला MLFF सिस्टम गुजरात के Surat-Bharuch सेक्शन (NH-48) पर स्थित Choryasi टोल प्लाजा पर 1 मई 2026 को शुरू किया गया था।