Delhi : दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में पिछले कुछ दिनों में आग लगने की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों ने आम लोगों के बीच डर पैदा कर दिया है। शुरुआती तौर पर लोग इसे सिर्फ गर्मी और AC का असर मान रहे थे, लेकिन जांच
Delhi : दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में पिछले कुछ दिनों में आग लगने की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों ने आम लोगों के बीच डर पैदा कर दिया है। शुरुआती तौर पर लोग इसे सिर्फ गर्मी और AC का असर मान रहे थे, लेकिन जांच में पता चला है कि इसके पीछे कई और बड़ी वजहें भी हैं। प्रशासन अब इन कारणों को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।
हाल ही में कहां और कैसे लगी आग
3 जून 2026 को दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में भीषण आग लगी, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई। जांच में पता चला कि होटल में नियमों का उल्लंघन कर ज्यादा कमरे चलाए जा रहे थे और वेंटिलेशन की कमी थी। वहीं 2 जून को मुखर्जी नगर में AC ब्लास्ट से एक घर जल गया। 5 जून को नोएडा के सेक्टर 74 की एक सोसाइटी में फ्लैट में आग लगी और 7 जून को कड़कड़डूमा कोर्ट के स्कैनिंग रूम में आग की घटना हुई।
आग लगने की मुख्य वजहें क्या हैं
विशेषज्ञों और दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद के अनुसार, सिर्फ AC ही विलेन नहीं हैं। घरों में घटिया क्वालिटी की वायरिंग, ओवरलोडेड एक्सटेंशन बोर्ड और पुराने बिजली के उपकरणों से शॉर्ट सर्किट होता है। इसके अलावा, घरों में प्लास्टिक, लकड़ी और फॉल्स सीलिंग का ज्यादा इस्तेमाल आग को तेजी से फैलाता है। घनी आबादी और संकरी गलियों की वजह से दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में भी दिक्कत होती है।
सरकार और प्रशासन ने क्या कदम उठाए
दिल्ली सरकार ने फायर सेफ्टी नियमों में बदलाव किया है और अब निजी कंपनियां भी फायर NOC का ऑडिट कर सकेंगी। त्वरित कार्रवाई के लिए दिल्ली को 5 नए फायर जोन में बांटा गया है। MCD ने अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाकर 94 संपत्तियों को गिराया और 114 को सील किया है। इस स्थिति को देखते हुए यूपी सरकार ने भी राज्य की ऊंची इमारतों के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में आग की घटनाएं कितनी बढ़ी हैं
DFS के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के पहले चार महीनों में 7,801 घटनाएं दर्ज हुईं, जो पिछले साल के मुकाबले 20% ज्यादा हैं। अकेले अप्रैल 2026 में 2,375 घटनाएं हुईं।
घर में आग से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें
घटिया वायरिंग और ओवरलोडेड सॉकेट का उपयोग न करें। पुराने बिजली उपकरणों की जांच कराएं और ज्वलनशील सामग्री को गैस चूल्हे या हीटिंग उपकरणों से दूर रखें।