Delhi-NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ‘नया सफर’ नाम से एक नई योजना शुरू करेगी, जिसके तहत सड़कों से पुराने BS-IV ट्रकों और बसों
Delhi-NCR: दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ‘नया सफर’ नाम से एक नई योजना शुरू करेगी, जिसके तहत सड़कों से पुराने BS-IV ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह BS-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों को लाया जाएगा। इस योजना का मकसद हवा को साफ करना और पुराने डीजल वाहनों के असर को कम करना है।
‘नया सफर’ योजना क्या है और इसका असर क्या होगा?
इस योजना को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य अगले 4 सालों में दिल्ली-एनसीआर से सभी BS-IV ट्रकों और बसों को पूरी तरह हटाना है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दायरे में करीब 2 लाख पुराने ट्रक और 20 हजार डीजल बसें आएंगी। इस योजना को अक्टूबर-नवंबर के आसपास शुरू करने की तैयारी है, क्योंकि इस समय प्रदूषण सबसे ज्यादा बढ़ता है।
पुराने वाहन मालिकों को क्या फायदा मिलेगा?
सरकार पुराने वाहनों को बदलने के लिए मालिकों को कई तरह के प्रोत्साहन देगी। नए वाहन खरीदने के लिए बैंक लोन पर ब्याज में सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा, पुराने डीजल ट्रकों और बसों को बदलने पर डीजल कूपन जैसे फायदे भी मिल सकते हैं। राज्यों को भी यह छूट होगी कि वे अपने स्तर पर वाहन मालिकों को अतिरिक्त मदद दे सकें।
प्रदूषण रोकने के लिए अन्य कड़े नियम क्या हैं?
CAQM के निर्देशों के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड और BS-VI मानक वाले कमर्शियल वाहनों का दिल्ली में प्रवेश बंद हो जाएगा। वहीं, दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030 के तहत ईवी खरीदने पर सीधी सब्सिडी दी जा रही है। इसमें दोपहिया पर 30 हजार, ई-ऑटो पर 50 हजार और छोटे इलेक्ट्रिक ट्रकों पर 1 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नया सफर योजना के तहत किन वाहनों को बदला जाएगा?
इस योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत सभी BS-IV ट्रकों और सरकारी व निजी क्षेत्र की डीजल बसों को BS-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जाएगा।
पुराने वाहन बेचने या स्क्रैप करने पर क्या मदद मिलेगी?
मालिकों को नए वाहन के लिए बैंक लोन पर ब्याज सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार की नीति के तहत कार स्क्रैप करने पर 1 लाख, तिपहिया पर 25 हजार और दोपहिया पर 10 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन मिल सकता है।