Delhi और Mumbai में छात्रों का भारी प्रदर्शन, पेपर लीक मामले में PM मोदी ने दिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के आदेश
Delhi/Mumbai: देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर हजारों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर भड़के छात्र पुलिस की पाबंदियों के बावजूद धरने पर बैठे हैं। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस और
Delhi/Mumbai: देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर हजारों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर भड़के छात्र पुलिस की पाबंदियों के बावजूद धरने पर बैठे हैं। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस और मुंबई पुलिस ने कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है ताकि भीड़ जमा न हो सके।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है, जबकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों से सेंट्रल दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों की सेवाएं बंद कर दी हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर बात की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पेपर लीक करने वाले अधिकारियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। हालांकि, इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही Cockroach Janta Party (CJP) ने इस प्रस्ताव को सिर्फ एक ‘बैंड-एड’ बताया है और इसे नापसंद किया है।
मुंबई में भी माहौल तनावपूर्ण है। वहां शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि और चेंबूर जैसे इलाकों में प्रदर्शन हुए। मुंबई पुलिस ने 18 से 22 जुलाई के बीच बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में करीब 400 लोगों पर केस दर्ज किया है और 13 FIR लिखी हैं। शहर में 23 जुलाई से 6 अगस्त तक पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
इस पूरे मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों में 152 पेपर लीक हुए लेकिन किसी को सजा नहीं मिली। वहीं, अंतरराष्ट्रीय संस्था Human Rights Watch और Amnesty International ने पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज और इंटरनेट बंद करने के फैसले पर चिंता जताई है। लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया।