Delhi-Mumbai: दिल्ली से मुंबई तक का सफर अब बहुत आसान और तेज होने वाला है। 1,386 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का मकसद यात्रा के समय को 24 घंटे से घटाकर सिर्फ 12 घंटे करना है। यह सड़क न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस है, बल्क
Delhi-Mumbai: दिल्ली से मुंबई तक का सफर अब बहुत आसान और तेज होने वाला है। 1,386 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का मकसद यात्रा के समय को 24 घंटे से घटाकर सिर्फ 12 घंटे करना है। यह सड़क न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस है, बल्कि इसे पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
एक्सप्रेसवे की खास सुविधाएं और नियम क्या हैं?
इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की अधिकतम रफ्तार 100 से 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है। यहां FASTag का होना अनिवार्य है और पैदल चलने वालों, ट्रैक्टरों या धीमी गाड़ियों का आना मना है। सुरक्षा के लिए सभी यात्रियों को सीट बेल्ट और दोपहिया वाहनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। टोल के लिए यहां ‘क्लोज्ड टोल सिस्टम’ का इस्तेमाल किया गया है, जिससे दूरी के हिसाब से पैसे लिए जाएंगे।
स्मार्ट और ग्रीन कॉरिडोर की क्या खासियत है?
इसे एक स्मार्ट कॉरिडोर बनाया गया है जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए चार्जिंग स्टेशन और सोलर लाइटिंग की सुविधा है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। यात्रियों के लिए 90 से ज्यादा वे-साइड सुविधाएं जैसे फूड कोर्ट और रेस्ट एरिया बनाए जा रहे हैं। साथ ही, जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए विशेष अंडरपास और ओवरपास का निर्माण किया गया है।
सुरंग और प्रोजेक्ट की ताज़ा स्थिति क्या है?
3 मई 2026 की जानकारी के मुताबिक, इस मार्ग पर देश की सबसे लंबी 8-लेन सुरंग तैयार हो गई है और जल्द ही इसका ट्रायल होगा। इस सुरंग में AI कैमरे, आग बुझाने की प्रणाली, वेंटिलेशन पंखे और SOS कॉल बॉक्स जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। हालांकि, गुजरात के 87 किलोमीटर के हिस्से में देरी की वजह से अब पूरे प्रोजेक्ट के 2027 या 2028 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। दिल्ली-वडोदरा मार्ग को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से यात्रा के समय में कितनी कमी आएगी?
इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय 24 घंटे से घटकर लगभग 12 घंटे रह जाएगा।
एक्सप्रेसवे पर कौन से वाहन प्रतिबंधित हैं?
इस मार्ग पर पैदल चलने वालों, ट्रैक्टरों और धीमी गति से चलने वाले वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।