Delhi, Haryana, Rajasthan, MP, Gujarat, Maharashtra: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे आधुनिक और लंबा एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है. इसके पूरी तरह चालू होने के बाद दिल्ली से मुंबई के बीच की दूरी लगभग 12 घंटे में पूरी
Delhi, Haryana, Rajasthan, MP, Gujarat, Maharashtra: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे आधुनिक और लंबा एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है. इसके पूरी तरह चालू होने के बाद दिल्ली से मुंबई के बीच की दूरी लगभग 12 घंटे में पूरी हो सकेगी, जबकि अभी इसमें 22 से 24 घंटे का समय लगता है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस 1,386 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने में जुटा है. इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से न केवल समय बचेगा बल्कि पेट्रोल और डीजल के खर्च में भी भारी कमी आएगी.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का रूट क्या है और यह किन राज्यों से गुजरेगा?
यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली के DND फ्लाईवे से शुरू होता है और महाराष्ट्र के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) पर जाकर खत्म होता है. यह रास्ता कुल छह राज्यों से होकर गुजरता है और कई बड़े शहरों को आपस में जोड़ता है. इस एक्सप्रेस-वे की खास बातें नीचे दी गई हैं.
- राज्यों के नाम: यह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरता है.
- मुख्य शहर: इसके जरिए जयपुर, कोटा, वडोदरा और सूरत जैसे बड़े शहरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा.
- लेन की क्षमता: अभी यह 8 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जिसे भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है.
- ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट: यह एक नया रास्ता है जो कम आबादी वाले इलाकों से गुजरता है ताकि जमीन अधिग्रहण और निर्माण में आसानी हो सके.
एक्सप्रेस-वे पर चलने के नियम और टोल की जानकारी
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षा के लिहाज से कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं. यहाँ गाड़ियों की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. इस एक्सप्रेस-वे पर दो पहिया और तीन पहिया वाहनों का चलना मना है.
- वाहनों पर पाबंदी: बाइक, ऑटो रिक्शा, ट्रैक्टर और ट्रॉली जैसे वाहनों का प्रवेश वर्जित है. पकड़े जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा.
- टोल कलेक्शन: यहाँ ऑटोमैटिक टोल सिस्टम काम करता है जो FASTag के जरिए पैसे काटता है. टोल की गणना किलोमीटर के हिसाब से की जाती है.
- छूट: फिलहाल जनवरी 2026 तक कुछ निर्माणाधीन हिस्सों के कारण टोल दरों में 50 प्रतिशत तक की कटौती की गई है.
- सुरक्षा फीचर्स: एक्सप्रेस-वे पर हर 50 किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं.
प्रोजेक्ट की ताजा स्थिति और कब तक होगा पूरा?
एक्सप्रेस-वे का काफी हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है और आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. बाकी हिस्सों पर काम अभी चल रहा है. नीचे दी गई टेबल से आप प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति समझ सकते हैं.
| खंड (Section) |
वर्तमान स्थिति और समय सीमा |
| सोहना से दौसा खंड |
चालू है (दिल्ली से जयपुर का सफर आसान हुआ) |
| बांदीकुई-जयपुर स्पर |
चालू है (जुलाई 2025 में खुला) |
| दिल्ली-वडोदरा खंड |
मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है |
| वडोदरा-मुंबई खंड |
मार्च 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है |
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, गुजरात के कुछ हिस्सों में जमीन की वजह से काम में थोड़ी देरी हुई है, लेकिन मध्य 2026 तक दिल्ली से वडोदरा तक का पूरा रास्ता खुल जाने की संभावना है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर सरकार लगभग 1 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है.