Delhi-Mumbai Expressway जुड़ेगा DND से, ट्रैफिक पुलिस ने NHAI को दिए 2 प्रस्ताव, नोएडा और गाजियाबाद वालों को मिलेगी राहत

Delhi: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पहले राजधानी को जाम से बचाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने NHAI को दो बड़े प्रस्ताव भेजे हैं ताकि गाड़ियों का दबाव कम रहे। इन प्रस्तावों का सीधा फायदा नो

Delhi: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पहले राजधानी को जाम से बचाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने NHAI को दो बड़े प्रस्ताव भेजे हैं ताकि गाड़ियों का दबाव कम रहे। इन प्रस्तावों का सीधा फायदा नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली के लोगों को मिलेगा, जिन्हें अब शहर के अंदर घुसे बिना ही एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

ट्रैफिक पुलिस के पहले प्रस्ताव के मुताबिक, सराय काले खाँ के पास एक्सप्रेसवे के रैंप को DND फ्लाईओवर के नोएडा-मयूर विहार कैरिजवे से एक छोटे लूप के जरिए जोड़ा जाए। यह लूप करीब 150 से 200 मीटर लंबा होगा। इससे नोएडा और पूर्वी दिल्ली जाने वाली गाड़ियां सीधे निकल जाएंगी और सराय काले खाँ के अंदर ट्रैफिक नहीं बढ़ेगा।

दूसरे प्रस्ताव में सराय काले खाँ रैंप से NH-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए लगभग 1.50 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की बात कही गई है। इससे गाजियाबाद और आनंद विहार जाने वाले लोगों को सीधा रास्ता मिलेगा। साउदर्न रेंज के DCP ट्रैफिक संदीप गुप्ता ने इन सुझावों की पुष्टि की है।

वहीं, DND महारानी बाग से जैतपुर पुश्ता रोड तक का 9 किलोमीटर लंबा हिस्सा पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 के आसपास इस हिस्से का उद्घाटन करेंगे। इस पूरे हिस्से में करीब 7.50 किलोमीटर रोड एलिवेटेड है और कालिंदी कुंज के पास आगरा नहर पर 140 मीटर लंबा स्टील नेटवर्क आर्च ब्रिज बनाया गया है, जो अपने तरह का भारत का सबसे लंबा ब्रिज है।

यह पूरा एक्सप्रेसवे 8 लेन का है और यहाँ गाड़ियां 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। भविष्य में इसे 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। करीब एक लाख करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 1,400 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट के पूरी तरह चालू होने के बाद दिल्ली से मुंबई का सफर 24 घंटे के बजाय सिर्फ 12 घंटे में पूरा होगा। पूरा प्रोजेक्ट 2027 या 2028 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।