Delhi: दिल्ली के मोरी गेट इलाके में स्थित सुखा पेड़ और मंदिर वाली पार्किंग में अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। यहां ठेकेदारों द्वारा बस मालिकों से मनमाना चार्ज वसूलने और पार्किंग नियमों की धज्जियां उड़ाने की शिकाय
Delhi: दिल्ली के मोरी गेट इलाके में स्थित सुखा पेड़ और मंदिर वाली पार्किंग में अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। यहां ठेकेदारों द्वारा बस मालिकों से मनमाना चार्ज वसूलने और पार्किंग नियमों की धज्जियां उड़ाने की शिकायतें मिल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ढील की वजह से यहां पार्किंग माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं जिससे आम जनता और बस संचालकों को परेशानी हो रही है।
पार्किंग में वसूली का क्या है पूरा मामला?
मोरी गेट की इन पार्किंग में बाबी अरोड़ा और लखविंदर नाम के ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग अपने कर्मचारियों के नाम पर ठेका लेकर पार्किंग चला रहे हैं। यहां एक बस से पार्किंग के नाम पर रोजाना 1000 रुपये से लेकर 4500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। पार्किंग के भीतर ही अवैध रूप से बसों में सामान लोड करने और सवारी बैठाने का काम भी धड़ल्ले से चल रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई और नियमों की क्या है स्थिति?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन बाहर खड़ी बसों पर तो तुरंत कार्रवाई करता है लेकिन इन ठेकेदारों का नाम आते ही अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं। दिल्ली ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DTIDC) ने सितंबर 2024 में नए स्टैंड शुल्क लागू किए थे। इसके अलावा मोरी गेट और कश्मीरी गेट इलाके में पार्किंग प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (DTC) द्वारा अक्टूबर 2024 में टेंडर भी जारी किया गया था।
- पार्किंग के नाम पर बिना किसी ठोस रसीद के मोटी रकम वसूली जा रही है
- अवैध तरीके से बसों में माल लोडिंग का काम चल रहा है
- प्रशासनिक उदासीनता के कारण ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं
- आम बस चालकों और ट्रांसपोर्टर्स को डरा-धमकाकर पैसे लेने के आरोप हैं