Delhi में जलभराव से निपटने के लिए 200 टीमें तैनात, IMD ने जारी किया Red और Orange Alert
Delhi: राजधानी दिल्ली में मानसून की भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। जलभराव को रोकने और लोगों की परेशानी कम करने के लिए शहर में 200 टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें द
Delhi: राजधानी दिल्ली में मानसून की भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। जलभराव को रोकने और लोगों की परेशानी कम करने के लिए शहर में 200 टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें दिन-रात काम करेंगी ताकि नालों की सफाई हो सके और पानी जमा न हो।
दिल्ली सरकार ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को यह कदम उठाया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानसून की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की और साफ कहा कि जलभराव को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, जल मंत्री आतिशी और शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज समेत अन्य मंत्रियों ने आपातकालीन बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। PWD मुख्यालय में एक 24×7 इमरजेंसी कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
PWD के इंजीनियरों को निर्देश दिया गया है कि अगर किसी अंडरपास में पानी का स्तर 8 इंच से ज्यादा होता है, तो वहां से ट्रैफिक को तुरंत डायवर्ट किया जाए। 6 से 8 इंच पानी होने पर कंट्रोल रूम को सूचना देकर मोबाइल पंप चलाने होंगे। अगर पानी और बढ़ता है, तो ट्रैफिक पुलिस और DTC को बताकर बसों और गाड़ियों का रास्ता बदला जाएगा। सरकार ने बताया कि 90% से ज्यादा नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है और पंप हाउस की संख्या भी बढ़ाकर 167 कर दी गई है।
मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के लिए येलो अलर्ट दिया गया है। अगले पांच दिनों तक बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। भारी बारिश की वजह से दिल्ली और गुरुग्राम में कई जगह पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक जाम लग गया। गुरुग्राम पुलिस ने हालात देखते हुए कंपनियों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों को कुछ दिन वर्क फ्रॉम होम (Work from home) की सुविधा दें।
इस बीच, रोहिणी में एक मकान गिरने की खबर आई है, जिसमें आठ लोगों के दबे होने की आशंका है। बिजली कंपनियों ने भी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की हैं।