Delhi: राजधानी में मानसून आने से पहले सरकार जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटी है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया है, ताकि बारिश का पानी शहर में न भरे। हालांकि, न
Delhi: राजधानी में मानसून आने से पहले सरकार जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटी है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया है, ताकि बारिश का पानी शहर में न भरे। हालांकि, नजफगढ़ ड्रेन जैसे संवेदनशील इलाकों में काम अभी भी बाकी है, जो शहर के लिए चुनौती बना हुआ है।
नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग का क्या है हाल
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 23 अप्रैल 2026 तक दिल्ली के मुख्य नालों में 57.68% डी-सिल्टिंग का काम पूरा हो चुका है। विभाग का लक्ष्य कुल 28.57 लाख घन मीटर गाद निकालना है, जिसमें से अब तक 16.48 लाख घन मीटर गाद हटाई जा चुकी है। 21 प्राथमिकता वाले नालों में 76% से ज्यादा काम खत्म हो गया है, लेकिन नजफगढ़ ड्रेन सिस्टम में केवल 48% काम ही पूरा हुआ है।
बाढ़ से निपटने के लिए कौन सी मशीनें आ रही हैं
दिल्ली सरकार ने बाढ़ प्रबंधन के लिए 94 करोड़ रुपये की मशीनरी योजना बनाई है। इसके तहत कुल 38 आधुनिक मशीनें खरीदी जानी हैं, ताकि जलभराव वाले और दुर्गम इलाकों में तेजी से काम किया जा सके। अब तक 12 मशीनें तैनात हो चुकी हैं और बाकी के लिए ऑर्डर दिए गए हैं। इन मशीनों में एम्फीबियस एक्सकेवेटर, लॉन्ग-बूम हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर, ड्रेजर और ड्रैगलाइन शामिल हैं।
भविष्य की योजनाएं और अन्य इंतजाम
| योजना/कार्य |
विवरण |
लक्ष्य/लागत |
| फ्लड कंट्रोल सेंटर |
नया मॉनिटरिंग सेंटर |
15 जून 2026 तक पूरा |
| सुरक्षा दीवार |
यमुना किनारे 4.72 किमी लंबी दीवार |
2027 मानसून से पहले |
| सर्विस रोड |
नजफगढ़ ड्रेन के किनारे 61 किमी रोड |
453.95 करोड़ रुपये |
| मास्टर प्लान |
ड्रेनेज सिस्टम और निगरानी प्रणाली |
21,000 करोड़ रुपये |
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, सरकारी भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सख्ती से लागू करने को कहा गया है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में लू का अलर्ट जारी किया है, जबकि स्काईमेट वेदर ने इस साल सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है।