Delhi: दिल्ली सरकार मानसून की बारिश से पहले शहर को जलभराव और बाढ़ से बचाने के लिए तैयारी में जुट गई है। शहर के बड़े नालों की डी-सिल्टिंग का काम तेजी से चल रहा है ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके। इस बार सरकार ने कागज
Delhi: दिल्ली सरकार मानसून की बारिश से पहले शहर को जलभराव और बाढ़ से बचाने के लिए तैयारी में जुट गई है। शहर के बड़े नालों की डी-सिल्टिंग का काम तेजी से चल रहा है ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके। इस बार सरकार ने कागजी कार्रवाई के बजाय काम को पूरा करने और जवाबदेही तय करने पर ज्यादा जोर दिया है।
नालों की सफाई की क्या है मौजूदा स्थिति?
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 76 बड़े नालों में सफाई का 57% से ज्यादा काम पूरा कर लिया है। अब तक करीब 16.48 लाख क्यूबिक मीटर गाद निकाली जा चुकी है। 21 सबसे जरूरी नालों की 76% से ज्यादा सफाई हो चुकी है, जबकि नजफगढ़ ड्रेन सिस्टम में 48% और बाकी 55 नालों में 63% काम पूरा हुआ है।
मशीनरी और बजट का क्या है प्लान?
काम को रफ्तार देने के लिए सरकार 94 करोड़ रुपये की लागत से 38 विशेष मशीनें खरीद रही है। इनमें ड्रैगलाइन, लॉन्ग-बूम हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर और ड्रेजर जैसी मशीनें शामिल हैं। अब तक 12 मशीनें खरीदी जा चुकी हैं और बाकी के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
अधिकारियों ने क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी एजेंसियों को 30 जून तक सफाई का काम पूरा करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, MCD आयुक्त संजीव खीरवार ने अधिकारियों को 31 मई तक काम खत्म करने और 5 जून तक सर्टिफिकेट जमा करने का निर्देश दिया है।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
| कार्य/परियोजना |
विवरण |
| यमुना नदी सफाई |
ITO बैराज के पास डी-सिल्टिंग की तैयारी ताकि पानी का बहाव सही रहे |
| बुनियादी ढांचा |
पालम और नीलोठी में ड्रेनेज और सड़क संपर्क के काम का उद्घाटन |
| नई पाइपलाइन |
महावीर एन्क्लेव और मधु विहार जैसे इलाकों में 8 करोड़ की लागत से नई सीवर लाइनें |