Delhi में मॉनसून की एंट्री में देरी, जुलाई के पहले हफ्ते तक का इंतजार, IMD ने जारी किया अपडेट

Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR में मॉनसून के आने में इस बार देरी हो रही है। बंगाल की खाड़ी में सही मौसम प्रणाली न बनने और अरब सागर से आने वाली हवाओं के कमजोर होने की वजह से बारिश की रफ्तार धीमी है। मौसम विभाग के मुताबिक, इ

Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR में मॉनसून के आने में इस बार देरी हो रही है। बंगाल की खाड़ी में सही मौसम प्रणाली न बनने और अरब सागर से आने वाली हवाओं के कमजोर होने की वजह से बारिश की रफ्तार धीमी है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस महीने मॉनसून की एंट्री मुश्किल लग रही है और लोगों को अब जुलाई के पहले हफ्ते तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मॉनसून की हवाएं दो हिस्सों में बंटी हुई हैं, जिससे उत्तर भारत में बारिश कम हो रही है। आमतौर पर दिल्ली में मॉनसून 27 जून तक आ जाता है, लेकिन इस बार निजी एजेंसी Skymet और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय सीमा आगे बढ़ सकती है। IMD ने दिल्ली-NCR के लिए 25 से 30 जून के बीच मॉनसून आने का अनुमान लगाया है, लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स इसे जुलाई के पहले हफ्ते तक टाल रहे हैं।

गर्मी के कारण दिल्ली के लोग काफी परेशान हैं। पिछले 24 घंटों में सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और कई इलाकों में यह 39-40 डिग्री तक पहुंच गया। राहत की बात यह है कि 21 जून तक दिल्ली में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इससे पहले 18 जून को IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसमें तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।

पूरे देश की बात करें तो इस साल मॉनसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। IMD के अनुसार, जून से सितंबर के बीच देश में बारिश कम होने की 84% संभावना है। इसके पीछे El Nino की स्थिति को मुख्य कारण माना जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, 4 जून से 18 जून के बीच देश में बारिश की भारी कमी देखी गई है, जो करीब 41% तक है।