Delhi में बच्ची से रेप और हत्या, आरोपी Uber, Ola और Rapido में चलाता था कैब; पुलिस रडार पर कंपनियां

Delhi: राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके में एक 10-11 साल की बच्ची के साथ रेप और उसकी हत्या का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बशू कुमार सिंह नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली में कई बड़ी राइड-हेलिंग क

Delhi: राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके में एक 10-11 साल की बच्ची के साथ रेप और उसकी हत्या का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बशू कुमार सिंह नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली में कई बड़ी राइड-हेलिंग कंपनियों के लिए कैब चलाता था। इस घटना के बाद अब पुलिस उन कंपनियों की जांच कर रही है जिन्होंने अपराधी रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को ड्राइवर के तौर पर जोड़ा।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बशू कुमार सिंह (29 वर्ष) मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और गुरुग्राम में रहता था। उसके खिलाफ बिहार में 2015 से अब तक पांच आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें दो मामले हत्या की कोशिश और तीन मामले मारपीट के थे। इसके बावजूद वह Uber, Ola और Rapido जैसी तीन बड़ी ऐप-आधारित कंपनियों के लिए कैब चला रहा था।

यह वारदात सोमवार, 24 जून 2026 की सुबह हुई, जिसके कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार, 25 जून को जब पुलिस उसे क्राइम सीन दिखाने ले गई, तो उसने पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे आरोपी के पैर में चोट आई और उसे दोबारा हिरासत में ले लिया गया।

दिल्ली पुलिस अब Uber, Ola और Rapido को नोटिस भेजकर यह पूछ रही है कि उन्होंने ड्राइवर की भर्ती के समय पुलिस वेरिफिकेशन कराया था या नहीं। पुलिस यह पता लगा रही है कि कंपनियों की ओर से कोई लापरवाही हुई या उनके सिस्टम में कोई तकनीकी कमी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर कंपनियों की गलती पाई गई, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इस मामले में पुलिस ने कैब मालिक से भी पूछताछ की है कि क्या उसने ड्राइवर को रखने से पहले उसकी जांच की थी। हालांकि, एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राइड-हेलिंग कंपनियों के लिए ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। लेकिन 2015 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRT&H) ने सुरक्षा ढांचे के तहत ड्राइवरों की पहचान और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की सलाह जारी की थी। अब इस घटना के बाद पुलिस सभी प्लेटफॉर्म्स के लिए रियल-टाइम क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक के सख्त नियम लागू करवाने पर विचार कर रही है।