Delhi: दिल्ली मेट्रो के यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। DMRC अपनी पुरानी ट्रेनों को नया रूप दे रहा है, जिससे सफर पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगा। इस काम में Hyundai Rotem और HARTING India जैसी कंपनियां मदद कर
Delhi: दिल्ली मेट्रो के यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। DMRC अपनी पुरानी ट्रेनों को नया रूप दे रहा है, जिससे सफर पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगा। इस काम में Hyundai Rotem और HARTING India जैसी कंपनियां मदद कर रही हैं, ताकि ब्लू लाइन और रेड लाइन पर चलने वाली पुरानी ट्रेनों को आधुनिक बनाया जा सके।
ट्रेनों में क्या-क्या बदलाव किए जा रहे हैं?
मेट्रो की इन पुरानी ट्रेनों में कई नई तकनीकें जोड़ी जा रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए अब कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स लगाए गए हैं। साथ ही, रूट जानने के लिए LCD आधारित डायनेमिक रूट मैप और बेहतर अनाउंसमेंट सिस्टम (PA-PIS) लगाया गया है। सुरक्षा के लिए CCTV नेटवर्क और आग का पता लगाने वाले आधुनिक सिस्टम भी लगाए गए हैं।
कितनी ट्रेनों का होगा अपग्रेड और कब तक पूरा होगा काम?
DMRC ने साल 2002 से 2007 के बीच आई पुरानी ट्रेनों के लिए यह प्रोग्राम शुरू किया है। इन ट्रेनों ने अब तक 19 से 24 साल की सेवा पूरी कर ली है। कुल 70 ट्रेनों को अपग्रेड करने का लक्ष्य है, जिसे नवंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा। अब तक दो चरणों में 31 ट्रेनों का काम पूरा हो चुका है और तीसरे चरण में ब्लू लाइन की 22 ट्रेनों को सुधारा जाएगा।
क्या इससे मेट्रो यात्रा पर कोई असर पड़ेगा?
DMRC के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने बताया कि इस काम से यात्रियों के सफर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अपग्रेडेशन का काम एक-एक ट्रेन करके किया जा रहा है, इसलिए ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रहेगी। DMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विकास कुमार ने तीसरे चरण की पहली रिफर्बिश ट्रेन का निरीक्षण भी किया है, जिसे जल्द ही पटरी पर उतारा जाएगा।