Delhi: दिल्ली मेट्रो अब शहर के लोगों के लिए सिर्फ सफर का जरिया नहीं बल्कि भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट बन चुकी है। अक्सर यात्री सोचते हैं कि कुछ लाइनों पर मेट्रो बहुत तेज चलती है और कुछ पर धीमी। दरअसल, रूट के डिजाइन और इस्तेमाल
Delhi: दिल्ली मेट्रो अब शहर के लोगों के लिए सिर्फ सफर का जरिया नहीं बल्कि भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट बन चुकी है। अक्सर यात्री सोचते हैं कि कुछ लाइनों पर मेट्रो बहुत तेज चलती है और कुछ पर धीमी। दरअसल, रूट के डिजाइन और इस्तेमाल की गई तकनीक के आधार पर इसकी रफ्तार तय होती है।
मेट्रो की अलग-अलग लाइनों पर कितनी होती है स्पीड
दिल्ली मेट्रो की सबसे तेज लाइन Airport Express Line (AEL) है। इसकी रफ्तार को समय-समय पर बढ़ाया गया है। CMRS की मंजूरी के बाद इसकी स्पीड 110 kmph तक पहुंच गई और इसे 120 kmph करने की तैयारी थी। वहीं अन्य लाइनों की स्थिति इस प्रकार है:
| मेट्रो लाइन |
औसत/अधिकतम स्पीड |
खास बात |
| Airport Express Line |
110 – 120 kmph |
सबसे तेज कॉरिडोर |
| Yellow, Blue, Red Line |
40 – 50 kmph (औसत) |
रेगुलर कॉरिडोर |
| सामान्य अधिकतम स्पीड |
80 kmph |
नियमित लाइनों के लिए |
| Restricted Mode |
25 kmph |
सुरक्षा या खराबी के समय |
रफ्तार कम होने के क्या कारण होते हैं
मेट्रो की स्पीड हमेशा एक जैसी नहीं रहती। पुराने सिस्टम में स्टेशनों के बीच की दूरी कम होना और तीखे मोड़ (curves) होने की वजह से रफ्तार कम रखनी पड़ती है। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से भी स्पीड घटाई जाती है। जैसे मार्च 2024 में Yellow Line के छत्तरपुर-सुल्तानपुर हिस्से में टनलिंग काम की वजह से स्पीड 20 से 25 kmph तक सीमित कर दी गई थी।
भविष्य का प्लान और हालिया अपडेट
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जल्द ही Phase V(b) के तहत 97 किलोमीटर के विस्तार की घोषणा कर सकती हैं। इसमें सात कॉरिडोर शामिल होंगे जिसकी अनुमानित लागत 48,204.56 करोड़ रुपये है। चार प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी गई है जिन्हें 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। हाल ही में Magenta Line पर सिग्नलिंग समस्या के कारण ट्रेनों को 25 kmph की धीमी रफ्तार से चलाना पड़ा था जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Airport Express Line से एयरपोर्ट पहुँचने में कितना समय लगता है
110 kmph की रफ्तार के साथ यात्री नई दिल्ली स्टेशन से एयरपोर्ट (T-3) लगभग 16 मिनट में और राजीव चौक से 15 मिनट में पहुँच सकते हैं।
मेट्रो की स्पीड अचानक कम क्यों हो जाती है
सुरक्षा कारणों, निर्माण कार्य या सिग्नलिंग खराबी के समय ट्रेनें ‘Restricted Manual mode’ में चलती हैं, जहाँ रफ्तार अपने आप 25 kmph तक सीमित हो जाती है।