Delhi में विरोध प्रदर्शन के चलते 17 मेट्रो स्टेशन बंद, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी
Delhi: राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के कारण पिछले तीन दिनों से मेट्रो सेवा बुरी तरह प्रभावित है। सुरक्षा कारणों से सेंट्रल दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दिया गया है, जिससे ऑफिस जाने वाले
Delhi: राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के कारण पिछले तीन दिनों से मेट्रो सेवा बुरी तरह प्रभावित है। सुरक्षा कारणों से सेंट्रल दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दिया गया है, जिससे ऑफिस जाने वाले और आम यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अब बसों, ऑटो और पैदल चलने को मजबूर हैं।
यह सिलसिला 20 जुलाई को शुरू हुआ जब ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए स्टेशनों को बंद करना शुरू किया। बुधवार 22 जुलाई को पहले 16 स्टेशन बंद हुए थे, जिनमें बाद में झंडेवालान स्टेशन भी जुड़ गया। हालांकि बुधवार शाम को इन्हें खोल दिया गया था, लेकिन गुरुवार 23 जुलाई की सुबह 7:30 बजे से इन्हें फिर बंद कर दिया गया।
DMRC ने अब यह ऐलान किया है कि शुक्रवार 24 जुलाई को भी ये 17 स्टेशन सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे। इस वजह से दिल्ली के बीचों-बीच सफर करने वाले हजारों लोग परेशान हैं। कई ट्रेनें इन स्टेशनों पर नहीं रुक रही हैं, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है या महंगे कैब और ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है।
DMRC ने साफ किया है कि भले ही इन स्टेशनों पर आने-जाने की सुविधा बंद है, लेकिन राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट जैसे बड़े स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा चालू रहेगी। वहीं दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और भारी संख्या में फोर्स तैनात की है।
यह पूरा विवाद Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। यह पार्टी जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि NEET-UG पेपर लीक जैसी परीक्षाओं में अनियमितताएं हुई हैं। बुधवार रात को संसद स्ट्रीट के पास फिर से झड़पें हुईं, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे कांग्रेस नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।