Delhi: दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। DMRC अपनी रेड और ब्लू लाइन की पुरानी ट्रेनों को नया रूप दे रही है। इस काम के जरिए ट्रेनों की हालत सुधारी जाएगी ताकि यात्रियों का सफर ज्यादा सुरक्षित और आराम
Delhi: दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। DMRC अपनी रेड और ब्लू लाइन की पुरानी ट्रेनों को नया रूप दे रही है। इस काम के जरिए ट्रेनों की हालत सुधारी जाएगी ताकि यात्रियों का सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो सके। यह पूरा प्रोजेक्ट नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ट्रेनों में क्या-क्या बदलाव किए जा रहे हैं?
DMRC ने इन ट्रेनों को आधुनिक बनाने के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी हैं। अब कोच के अंदर मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट्स लगाए गए हैं। साथ ही, यात्रियों को सही जानकारी देने के लिए नए LCD रूट मैप और बेहतर अनाउंसमेंट सिस्टम (PA-PIS) लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए नए CCTV कैमरे और आग का पता लगाने वाले सेंसर भी फिट किए गए हैं।
कितनी ट्रेनों का काम पूरा हुआ और कब तक खत्म होगा?
इस प्रोग्राम के तहत कुल 70 ट्रेनों को रिफर्बिश किया जाना है। इनमें से 31 ट्रेनों का काम पहले ही पूरा हो चुका है। पहले चरण में 12 और दूसरे चरण में 18 ट्रेनों को अपडेट किया गया। अब तीसरे चरण का काम चल रहा है, जिसमें ब्लू लाइन की 22 ट्रेनों को नवंबर 2027 तक तैयार किया जाएगा।
इन ट्रेनों की उम्र और अपडेट की जरूरत क्यों पड़ी?
ये ट्रेनें साल 2002 से 2007 के बीच सेवा में लाई गई थीं, जिन्हें अब 19 से 24 साल हो चुके हैं। DMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास कुमार और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने बताया कि पुरानी ट्रेनों (RS-1) को आधुनिक तकनीक से अपडेट करना जरूरी था ताकि वे नई ट्रेनों की तरह भरोसेमंद और सुरक्षित रहें।
| सुविधा/बदलाव |
विवरण |
| चार्जिंग पॉइंट्स |
मोबाइल और लैपटॉप के लिए उपलब्ध |
| सुरक्षा |
नए CCTV और फायर डिटेक्शन सिस्टम |
| जानकारी |
LCD डायनेमिक रूट मैप और नया PA-PIS |
| रखरखाव |
इंटीरियर पेंट और इलेक्ट्रिकल पैनल का बदलाव |