Delhi: दिल्ली के लोगों और यहां आने वाले टूरिस्टों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब इंडिया गेट और वॉर मेमोरियल जाने के लिए आपको ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा क्योंकि दिल्ली मेट्रो के फेज 5A के तहत नया कॉरिडोर बनाया जा रहा है। आ
Delhi: दिल्ली के लोगों और यहां आने वाले टूरिस्टों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब इंडिया गेट और वॉर मेमोरियल जाने के लिए आपको ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा क्योंकि दिल्ली मेट्रो के फेज 5A के तहत नया कॉरिडोर बनाया जा रहा है। आर के आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक बनने वाली इस लाइन से सेंट्रल दिल्ली का जाम काफी कम होगा और सफर आसान हो जाएगा।
नए मेट्रो कॉरिडोर में कौन-कौन से स्टेशन होंगे
यह नया कॉरिडोर Magenta Line का हिस्सा होगा और पूरी तरह से अंडरग्राउंड बनेगा। इसकी कुल लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी जिसमें कुल 10 स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों की लिस्ट इस प्रकार है:
- R.K. Ashram Marg
- Shivaji Stadium
- Yuge Yugeen Bharat
- Central Secretariat
- Kartavya Bhawan
- India Gate
- War Memorial–High Court
- Baroda House
- Bharat Mandapam
- Indraprastha
आम जनता और कर्मचारियों को कैसे होगा फायदा
इस प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा फायदा सेंट्रल सचिवालय में काम करने वाले करीब 60,000 कर्मचारियों और रोजाना आने वाले 2 लाख सैलानियों को होगा। Central Secretariat स्टेशन अब एक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा, जहां से लोग Yellow, Violet और Magenta लाइन पर आसानी से बदल सकेंगे। इससे न केवल समय बचेगा बल्कि शहर में कार्बन उत्सर्जन भी सालाना 33,000 टन कम होने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट की लागत और समय सीमा क्या है
पूरे फेज 5A प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 12,014.91 करोड़ रुपये है। इसमें तीन अलग-अलग कॉरिडोर शामिल हैं। जून 2026 तक शिवाजी स्टेडियम, कर्तव्य भवन जैसे पहले चार स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है। सरकारी मंजूरी के बाद इस पूरे प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम के लिए Afcons Infrastructure को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंडिया गेट मेट्रो कॉरिडोर कब तक पूरा होगा?
दिल्ली मेट्रो फेज 5A के तहत इस प्रोजेक्ट को मंजूरी के तीन साल के भीतर पूरा करना है, जिसका लक्ष्य साल 2028 रखा गया है।
इस नए कॉरिडोर से कौन सी लाइन जुड़ेगी?
यह कॉरिडोर Magenta Line (Line 8) का विस्तार होगा, जिससे यह DMRC नेटवर्क की सबसे लंबी ड्राइवरलेस लाइन बन जाएगी।