Delhi: राजधानी दिल्ली में सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली मेट्रो अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 17.528 किलोमीटर लंबा एक नया कॉरिडोर तैयार कर रही है। इस नए रूट पर कुल 14 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे पश्चिमी और उ
Delhi: राजधानी दिल्ली में सफर करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली मेट्रो अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 17.528 किलोमीटर लंबा एक नया कॉरिडोर तैयार कर रही है। इस नए रूट पर कुल 14 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली के लाखों यात्रियों को आने-जाने में काफी आसानी होगी।
नया रूट कहां से कहां तक होगा और क्या है फायदा
यह नया कॉरिडोर कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक और मजलिस पार्क से रामकृष्ण आश्रम मार्ग तक बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मेट्रो की ग्रीन लाइन और रेड लाइन के बीच कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हो जाएगी। DMRC के प्रबंध निदेशक विकास कुमार के मुताबिक, इस पूरे काम को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फेज 4 विस्तार की मुख्य बातें और अपडेट
यह पूरा प्रोजेक्ट दिल्ली मेट्रो के फेज 4 विस्तार का हिस्सा है। जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग तक का कुल विस्तार 28.92 किलोमीटर है। इसमें से कुछ हिस्से पहले ही शुरू हो चुके हैं, जैसे जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन खंड जनवरी 2025 में चालू हो गया था। वहीं, मजलिस पार्क और दीपाली चौक को जोड़ने वाला हिस्सा भी तैयार हो चुका है।
आरके आश्रम मार्ग स्टेशन बनेगा बड़ा हब
आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन को एक बड़े इंटरचेंज हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह स्टेशन ब्लू लाइन को मैजेंटा लाइन से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस स्टेशन के काम का निरीक्षण किया है और निर्देश दिए हैं कि निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। मैजेंटा लाइन को इंद्रप्रस्थ के जरिए इंद्रलोक तक बढ़ाया जाएगा, जिससे यह दिल्ली का सबसे लंबा ड्राइवरलेस कॉरिडोर बन जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नया मेट्रो कॉरिडोर कब तक बनकर तैयार होगा
DMRC के अनुसार, कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से आरके आश्रम मार्ग खंड सहित शेष प्राथमिकता वाले फेज 4 कॉरिडोर को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इस नए रूट से किन लाइनों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी
इस नए कॉरिडोर के बनने से दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन और रेड लाइन के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली के यात्रियों को लाभ मिलेगा।