Delhi: दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मेट्रो, नमो भारत और रेलवे कॉरिडोर के आसपास अब सस्ते घर बनाना और वहां रहना आसान होगा। केंद्र और दिल्ली सरकार ने मिलकर ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट (
Delhi: दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मेट्रो, नमो भारत और रेलवे कॉरिडोर के आसपास अब सस्ते घर बनाना और वहां रहना आसान होगा। केंद्र और दिल्ली सरकार ने मिलकर ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट (TOD) पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति का मुख्य मकसद लोगों को उनके दफ्तर और ट्रांसपोर्ट सुविधाओं के पास ही घर उपलब्ध कराना है ताकि दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ कम हो सके।
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मेट्रो और रेलवे स्टेशन के पास अब क्या बदल जाएगा?
नई नीति के तहत दिल्ली के करीब 207 वर्ग किलोमीटर इलाके को टीओडी जोन में शामिल किया गया है। अब इन ट्रांजिट कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में ऊंची और घनी आबादी वाली इमारतें बन सकेंगी। पहले जहां प्रोजेक्ट के लिए कम से कम 10,000 वर्ग मीटर जमीन चाहिए थी, अब उसे घटाकर सिर्फ 2,000 वर्ग मीटर कर दिया गया है। इससे छोटे बिल्डर और जमीन मालिक भी इस योजना का फायदा उठा सकेंगे। इसके अलावा फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को भी 400 से 500 के बीच कर दिया गया है, जिससे एक ही जमीन पर ज्यादा फ्लैट बन पाएंगे।
सस्ते घर और सुविधाओं के लिए बनाए गए खास नियम
इस पॉलिसी में आम आदमी के बजट का खास ख्याल रखा गया है। सरकार ने आदेश दिया है कि कुल निर्माण का 65 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ रहने के लिए इस्तेमाल होगा। इसमें 100 वर्ग मीटर तक के छोटे और मध्यम साइज के घर बनाए जाएंगे ताकि मध्यवर्गीय परिवारों को फायदा मिले। बाकी 10 प्रतिशत हिस्सा दुकान और सामुदायिक केंद्र के लिए होगा, जबकि 25 प्रतिशत में बड़े फ्लैट या ऑफिस बनाए जा सकेंगे।
- लैंड पूलिंग जोन और अवैध कॉलोनियों के करीब 80 वर्ग किलोमीटर इलाके को भी इसमें जोड़ा गया है।
- 10,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से फिक्स टीओडी चार्ज तय किया गया है।
- प्रोजेक्ट्स को जल्द मंजूरी देने के लिए डीडीए के अंदर एक खास टीओडी कमेटी बनाई गई है।
- अब 18 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित प्लॉट भी विकास के पात्र होंगे।
| सुविधा |
पुराना नियम |
नया नियम (2026) |
| मिनिमम प्लॉट साइज |
10,000 वर्ग मीटर |
2,000 वर्ग मीटर |
| FAR (निर्माण क्षमता) |
कम |
400 से 500 तक |
| मंजूरी का समय |
लंबा समय |
60 दिनों के अंदर |
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह नई नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तैयार की गई है, जो दिल्ली में सतत गतिशीलता और जमीन के सही इस्तेमाल को बढ़ावा देगी। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे शहर के लोगों के लिए एक बड़ा दिन बताया है। डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार के अनुसार पुराने नियमों की जटिलता की वजह से निजी निवेश नहीं आ पा रहा था, लेकिन अब छोटे प्लॉट पर अनुमति मिलने से विकास तेज होगा।