Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों की सेहत को लेकर एक अजीब बात सामने आई है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के पुरुषों में मोटापे की दर कम हुई है, लेकिन उसी समय डायबिटीज का खतरा काफी बढ़
Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों की सेहत को लेकर एक अजीब बात सामने आई है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के पुरुषों में मोटापे की दर कम हुई है, लेकिन उसी समय डायबिटीज का खतरा काफी बढ़ गया है। यह स्थिति सेहत के लिहाज से चिंताजनक है क्योंकि वजन कम होने के बावजूद शरीर के अंदर शुगर लेवल बढ़ रहा है।
दिल्ली में मोटापा और डायबिटीज के आंकड़े क्या कहते हैं?
NFHS-6 सर्वे (2023-24) के मुताबिक, दिल्ली में 15 से 49 साल के पुरुषों में ओवरवेट या मोटापे का प्रतिशत 38% से घटकर 34.8% रह गया है। वहीं दूसरी ओर, दिल्ली की महिलाओं में मोटापा 41.4% से बढ़कर 42.7% हो गया है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि पुरुषों और महिलाओं दोनों के ब्लड शुगर लेवल में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जो खराब मेटाबॉलिक हेल्थ की ओर इशारा करता है।
डॉक्टरों ने इस बदलाव की क्या वजह बताई?
Fortis Centre के डॉ. अनूप मिश्रा ने बताया कि केवल BMI (वजन) पर भरोसा करना गलत है, क्योंकि शरीर का कुल वजन कम होने पर भी पेट की चर्बी (Visceral Fat) बढ़ सकती है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। Medanta Noida की डॉ. स्निग्धा रश्मि के अनुसार, शहरों में काम का दबाव, नींद की कमी, प्रोसेस्ड फूड और शारीरिक मेहनत न करना इस बीमारी की मुख्य वजह हैं। वहीं, डॉ. सुरंजित चटर्जी ने कहा कि महिलाओं में मोटापे की वजह हार्मोनल बदलाव और कम एक्टिविटी हो सकती है।
पूरे देश में सेहत का क्या हाल है?
राष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो स्थिति दिल्ली से अलग है। पूरे भारत में पुरुषों में मोटापा 22.9% से बढ़कर 27.3% और महिलाओं में 24% से बढ़कर 30.7% हो गया है। साथ ही, 15 साल से ऊपर के पुरुषों में हाई ब्लड शुगर 15.6% से बढ़कर 20.9% और महिलाओं में 13.5% से बढ़कर 17.8% हो गया है। यह सर्वे यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा IIPS मुंबई के जरिए 715 जिलों के करीब 6.79 लाख घरों में किया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NFHS-6 सर्वे के मुताबिक दिल्ली के पुरुषों में मोटापे में कितनी कमी आई है?
सर्वे के अनुसार, दिल्ली में 15-49 साल के पुरुषों में ओवरवेट या मोटापे की दर NFHS-5 के 38% से घटकर अब 34.8% रह गई है।
वजन कम होने के बाद भी डायबिटीज का खतरा क्यों बढ़ रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार, कुल वजन घटने के बावजूद पेट के आसपास चर्बी (Visceral Fat) बढ़ने और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ रहा है।