Delhi : दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे के शुरू होने से अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और मेरठ-रुड़की-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक यहां वाहनों का बोझ करीब सात प्रतिशत तक घटा है। दिल्ली
Delhi : दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे के शुरू होने से अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और मेरठ-रुड़की-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक यहां वाहनों का बोझ करीब सात प्रतिशत तक घटा है। दिल्ली से देहरादून जाने वाले लोग अब नए कॉरिडोर का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे उनका सफर आसान हुआ है और समय की भी बचत हो रही है।
नए हाईवे से आम जनता को क्या फायदा हुआ?
दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को हुआ था। अब यह रास्ता Google और Maples India जैसे ऑनलाइन मैप पर भी दिखने लगा है। इससे सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NE-3) और पुराने NH-58 पर गाड़ियों की संख्या कम हुई है। जून 2026 में जब हरिद्वार कनेक्टर खुलेगा, तब और ज्यादा गाड़ियां इस नए रास्ते पर शिफ्ट होंगी। इससे दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने में 2.5 से 3 घंटे तक की कमी आएगी और मेरठ के स्थानीय लोगों को पुराने हाईवे पर तेज रफ्तार का लाभ मिलेगा।
ट्रैफिक और टोल को लेकर क्या हैं ताजा अपडेट?
एक तरफ नया हाईवे राहत दे रहा है, वहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कुछ काम चलने से असर भी पड़ रहा है। यहां मरम्मत कार्य के कारण कुछ लेन बंद हैं, जिससे 30 जून 2026 तक यातायात प्रभावित रह सकता है। साथ ही काशी टोल प्लाजा से डासना के बीच ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) को अपडेट किया जा रहा है, जिससे बीच-बीच में 15 से 20 मिनट का जाम लग सकता है।
हाईवे से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| टोल रेट |
1 अप्रैल 2026 से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH9-EPE पर कीमतें बढ़ीं |
| चारधाम यात्रा |
18 अप्रैल 2026 से शुरू, हरिद्वार पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी किया |
| कांवड़ यात्रा |
जुलाई 2026 से शुरू होने की उम्मीद, 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि |
| देहरादून ट्रैफिक |
सहारनपुर रोड जैसे प्रवेश द्वारों पर भीड़ बढ़ने की चिंता जताई गई |