Delhi Medical Council का हुआ पुनर्गठन, एक साल पहले अनियमितताओं के चलते भंग हुई थी काउंसिल
Delhi: दिल्ली के डॉक्टरों और मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ी खबर है। सरकार ने Delhi Medical Council (DMC) के सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। काउंसिल को करीब एक साल पहले प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के
Delhi: दिल्ली के डॉक्टरों और मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ी खबर है। सरकार ने Delhi Medical Council (DMC) के सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। काउंसिल को करीब एक साल पहले प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते भंग कर दिया गया था, जिससे रजिस्ट्रेशन और अन्य जरूरी सेवाओं में काफी दिक्कतें आ रही थीं।
उपराज्यपाल (L-G) विनय कुमार सक्सेना ने 17 जून 2025 को काउंसिल को भंग करने का आदेश दिया था। यह कदम तब उठाया गया जब स्वास्थ्य विभाग ने पाया कि काउंसिल ने सरकार की मंजूरी के बिना अपने रजिस्ट्रार डॉ. गिरीश त्यागी की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 65 साल कर दी थी और दिसंबर 2024 से उनका कार्यकाल एक साल और बढ़ा दिया था। ऑडिट रिपोर्ट में भी इस सेवा विस्तार को गलत बताया गया और 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के नुकसान की बात सामने आई।
काउंसिल के बंद होने की वजह से दिल्ली के डॉक्टरों को काफी परेशानी हो रही थी। फरवरी 2026 तक करीब 1,800 से 2,000 शिकायतें लंबित थीं और हर महीने लगभग 100 नई शिकायतें जुड़ रही थीं। दिल्ली डॉक्टर्स फोरम और एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी एलजी से जल्द चुनाव कराने और काउंसिल को दोबारा शुरू करने की मांग की थी ताकि रजिस्ट्रेशन और मेडिको-लीगल सपोर्ट जैसे जरूरी काम दोबारा शुरू हो सकें।
स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने पहले बताया था कि काउंसिल का पुनर्गठन जल्द ही चुनावों के जरिए होगा और तब तक अंतरिम कमेटियां मेडिकल लापरवाही की शिकायतों की जांच कर रही हैं। अब नए सदस्यों की नियुक्ति के बाद उम्मीद है कि रुकी हुई प्रक्रियाएं तेज होंगी। यह बदलाव इसलिए भी जरूरी था क्योंकि सीनियर रेजिडेंट जैसे पदों की भर्ती के लिए DMC का वैध रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है।