Delhi में MCD स्कूल मर्जर का विरोध, बच्चों की पढ़ाई और लंबी दूरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

Delhi: दिल्ली के कुछ गांवों में MCD स्कूलों के विलय (merger) के फैसले से अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। इस फैसले की वजह से करीब 50 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है क्योंकि उन्हें अब काफी दूर जाना पड़ेगा। ग्राम

Delhi: दिल्ली के कुछ गांवों में MCD स्कूलों के विलय (merger) के फैसले से अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। इस फैसले की वजह से करीब 50 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है क्योंकि उन्हें अब काफी दूर जाना पड़ेगा। ग्रामीण इस मर्जर का विरोध कर रहे हैं और प्रशासन से इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

Municipal Corporation of Delhi (MCD) के शिक्षा विभाग ने 22 जून 2026 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत करोल बाग, नरेला और शाहदरा नॉर्थ जोन के 13 स्कूलों को आपस में जोड़ा गया है। विभाग ने जोनल अधिकारियों को 15 जुलाई तक इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्कूल को बंद कर दूसरे स्कूल में मिलाया गया है, उसकी मुख्य बिल्डिंग 2016 से खतरनाक घोषित थी और खाली पड़ी थी। नारायण सिंह और कृष्ण डबास जैसे स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे बच्चों को असुरक्षित बिल्डिंग में पढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन उनकी मांग है कि पुरानी बिल्डिंग को गिराकर वहां नया स्कूल बनाया जाए।

वर्तमान में बच्चों को सालापुर माजरा स्थित नए स्कूल में जाना होगा, जो उनके घर से 4-5 किलोमीटर दूर है। इतनी लंबी दूरी और आने-जाने के खर्च की वजह से अब तक कोई भी बच्चा नए स्कूल जाना शुरू नहीं कर पाया है। ग्रामीणों ने यह सवाल भी उठाया है कि खाली हुई स्कूल की जमीन का भविष्य में क्या इस्तेमाल होगा और इसका मालिकाना हक किसके पास रहेगा।

ग्रामीणों ने कई बार MCD से इस मर्जर को वापस लेने और बिल्डिंग के पुनर्निर्माण की अपील की है, लेकिन अभी तक नागरिक निकाय की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। दिल्ली में स्कूलों के मर्जर और जर्जर बुनियादी ढांचे की समस्या पहले भी कई बार सामने आ चुकी है, जिससे छात्रों और शिक्षकों के बीच तनाव बढ़ता रहा है।